फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अवैध खनन का विरोध करने पर शांति भंग का नोटिस

विज्ञापन
विज्ञापन
बांदा। बालू ठेकेदारों की दबंगई और अवैध खनन के विरोध में विधानसभा के सामने आत्मदाह का प्रयास और पिछले हफ्ते महोबा में प्रधानमंत्री की जनसभा में विरोध प्रदर्शन करने वाली दो महिलाओं सहित चार लोगों से प्रशासन को शांतिभंग का खतरा प्रतीत हो रहा है। उन पर धारा 111 सीआरपीसी की कार्रवाई करते हुए नोटिस जारी किया है। एक वर्ष तक शांति व्यवस्था बनाए रखने की शर्त पर एक लाख रुपये का व्यक्तिगत बंध पत्र (बांड) और इतनी ही रकम की दो जमानतें दाखिल करने को कहा गया है।
विज्ञापन

पैलानी क्षेत्र के सांड़ी गांव की ऊषा निषाद ने कुछ ग्रामीण सहयोगियों के साथ इसी माह लखनऊ में विधानसभा के सामने आत्मदाह की कोशिश की थी। वहां की पुलिस ने हिरासत में लेकर पैलानी पुलिस को बुलाकर सौंप दिया था। इसके बाद 19 नवंबर को महोबा में प्रधानमंत्री की जनसभा के दौरान ऊषा निषाद आदि ने पैलानी क्षेत्र में अवैध खनन और बालू माफियाओं के विरोध में नारे लगाए थे। प्रधानमंत्री को अर्जी देना चाहती थी, लेकिन पुलिस ने अर्जी छीन ली।
इन दो घटनाओं के बाद अब पैलानी तहसील की एसडीएम सुरभि शर्मा ने ऊषा निषाद, पुष्पा (अमनडेरा, सांड़ी) और अमित (सिसोलर, हमीरपुर) व सरोज (झील का पुरवा, बांदा) को धारा 111 सीआरपीसी का नोटिस जारी कर पुलिस रिपोर्ट का हवाला देकर कहा है कि दो पक्षों के मुकदमेबाजी को लेकर इनसे शांतिभंग होने की संभावना हो गई है। अत: कारण बताते हुए एक वर्ष तक शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए एक लाख रुपये का बंध पत्र और इतनी ही धनराशि की दो जमानतें क्यों न दाखिल कराई जाएं? एसडीएम पैलानी की अदालत में इसकी पेशी 29 नवंबर (सोमवार) को नियत की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें