बांदा। दो दिनों की खामोशी के बाद मंगलवार को फिर एक डेंगू पॉजिटिव मरीज सामने आ गया। उसे मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने उसके गांव में जांच के लिए टीम भेजी है।
दवा छिड़काव के भी निर्देश दिए गए हैं। उधर, बुखार से ग्रसित 23 मरीज जिला अस्पताल में भर्ती कराए गए हैं। 42 संदिग्ध मरीजों ने आरटीपीसीआर कोरोना जांच के लिए स्वॉब नमूना दिया।
मंगलवार को मिला नया डेंगू पॉजिटिव मरीज कमासिन की 35 वर्षीय युवती है। जांच रिपोर्ट में डेंगू की पुष्टि होने के बाद उसे एंबुलेंस से मेडिकल कालेज पहुंचाया गया। जिला मलेरिया अधिकारी पूजा अहिरवार ने बताया कि मलेरिया विभाग की टीम कमासिन जांच के लिए भेजी गई है।
लार्वा निरोधक दवा छिड़काव भी कराया जा रहा है। जनपद में अब तक डेंगू के कुल पॉजिटिव केस 10 पाए गए हैं। इनमें नौ मरीज स्वस्थ होकर घर जा चुके हैं। उधर, मौसम में बदलाव के कारण मरीजों की संख्या बढ़ रही है। सबसे ज्यादा सर्दी-जुकाम और बुखार के मरीज इलाज कराने पहुंच रहे हैं।
आलम यह है कि पर्चा व दवा काउंटर से लेकर डाक्टरों के कक्षों तक में मरीजों की लंबी लाइन लग रही है। मंगलवार को जिला अस्पताल ओपीडी में 1319 पर्चे बनाए गए हैं। इनमें करीब साढ़े 300 मरीज सर्दी-खांसी और बुखार के हैं।
सरकारी और निजी पैथोलॉजी में भी डेंगू, मलेरिया, टाइफाइड आदि की जांच कराने वालों की भीड़ लग रही। कोविड सेंटर के आंकड़ों के मुताबिक, 42 मरीजों ने कोरोना की आशंका पर स्वॉब नमूने दिए हैं। फिलहाल अभी तक की गईं जांचों में किसी में कोरोना की पुष्टि नहीं हुई।
डायरिया से वृद्धा ने तोड़ा दम
बांदा। डायरिया से पीड़ित वृद्धा ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया है। शहर के जवाहर नगर निवासी चंद्रिका प्रसाद की पत्नी मालती मिश्रा (62) उल्टी-दस्त से ग्रसित थी।
सोमवार को हालत गंभीर होने पर उसे जिला अस्पताल ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया था। देर रात उसने दम तोड़ दिया। लगभग आठ डायरिया के मरीज भी भर्ती हुए हैं। इनमें अधिकांश बच्चे और महिलाएं हैं।
फाइलेरिया गंभीर मर्ज है : सीएमओ
बांदा। फाइलेरिया मोरबिडिटी मैनेजमेंट प्रशिक्षण में डाक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों को फाइलेरिया मर्ज की गंभीरता बताई गई। सोमवार को सीएमओ कार्यालय में स्थित सभागार में प्रशिक्षण हुआ।
सीएमओ डा. विजय कुमार तिवारी ने कहा कि फाइलेरिया गंभीर मर्ज है। एक बार होने के बाद ठीक नहीं होता। बचाव ही एक मात्र उपाय है। एसीएमओ (वीबीडी) पाथके डा. रविराज सिंह व डा. शिवकांत ने फाइलेरिया रोगियों को स्वयं देखरेख के बारे में बताया।
प्रशिक्षण में शामिल फाइलेरिया रोगियों के साथ डेमो कर स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षित किया। उन्हें सीएमओ ने किट भी दी। जिला मलेरिया अधिकारी पूजा अहिरवार ने बताया कि मरीजों को किट का वितरण सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के जरिए किया जाएगा।