फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नवरात्र आज से, दुर्गा पूजा व सप्तशती पाठ से सेहत संवारें

विज्ञापन
पंडित हर्षित महाराज। - फोटो : BANDA
विज्ञापन
बांदा। 2 अप्रैल (शनिवार) से शुरू हो रहे चैत्र नवरात्र में देवी दुर्गा अश्व पर सवार होकर आएंगी। वापसी महिष पर होगी। ज्योतिषविदों के मुताबिक, ये दोनों सवारी लोगों की सेहत के प्रति अच्छी नहीं मानी जातीं। ऐसे में स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहकर दुर्गा पूजा और सप्तशती पाठ करना चाहिए।
विज्ञापन

ज्योतिषाचार्य पंडित हर्षित महाराज ने बताया कि चैत्र शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा (परीवा) पर ब्रह्मा ने सृष्टि की रचना शुरू की थी। नवरात्र सृष्टि साधना का पर्व है। इसकी साधना की शुरूआत कलश स्थापना से होती है। जमीन पर मिट्टी बिछाकर कलश स्थापित किया जाता है। इसमें दीप जलाते हैं।
कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त शनिवार सुबह 5 से 8:45 बजे तक है। इस बार नवरात्र पूरे नौ दिन के हैं। महा अष्टमी का व्रत 9 अप्रैल को होगा। समापन नवमी को रात 12:10 बजे तक होगा। उधर, रामजानकी मंदिर के पुरोहित और पंडित शिवकुमार अवस्थी (सुल्लू महाराज) ने बताया कि हिंदू कलेंडर के मुताबिक, चैत्र नवरात्र
विज्ञापन

से नव संवत्सर (नए वर्ष) की भी शुरूआत होती है। इस वर्ष शनिवार से शुरू हो रहे नव वर्ष का राजा शनि है। यह भी बताया कि गोस्वामी तुलसीदास ने भी चैत्र नवरात्र की प्रतिपदा के दिन श्रीरामचरित मानस रचना की शुरूआत की थी।
देवी मंदिर तैयार, दर्शन में मास्क अनिवार्य
बांदा। लॉकडाउन में दो वर्ष देवी के दीदार न कर सके श्रद्धालुओं में अबकी खास उत्साह है। माना जा रहा है कि इस वर्ष मंदिरों में श्रद्धालुओं की संख्या जोरदार रहेगी। इसी के मद्देनजर मंदिर प्रबंध समितियों ने विशेष तैयारियां की हैं। मंदिरों को रंगरोगन और मूर्तियों को शृंगार के साथ आकर्षक रूप दिया गया है। उधर, मास्क की शर्त अबकी भी रहेगी। श्रद्धालुओं को सलाह दी गई है कि मास्क पहनकर ही देवी दर्शन को आएं।
शहर के महेश्वरी देवी, काली देवी, मरही माता, चौसठ जोगिनी, सिंहवाहिनी आदि देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की ज्यादा भीड़ होती है। शुक्रवार को पूर्व संध्या तक मंदिरों में तैयारियां जारी रहीं। रंगीन लाइटों से सजाया गया है। पहला दिन शनिवार को होने से श्रद्धालुओं की संख्या काफी ज्यादा होने की उम्मीद है। महेश्वरी देवी मंदिर पुजारी वीरेंद्र सैनी और दप्पू सैनी तथा काली देवी मंदिर पुजारी तुलसीदास पुष्पक ने बताया कि दर्शन के लिए महिला और पुरुषों की अलग व्यवस्था की गई है। मंदिर में प्रवेश के दौरान मास्क अनिवार्य होगा।

नवरात्र के लिए रंगरोगन से संवारा जा रहा महेश्वरी देवी मंदिर। - फोटो : BANDA

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें