स्थापना दिवस समारोह में पुस्तक का विमोचन करते उप महानिदेशक डॉ. एके सिंह व अन्य। संवाद
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बांदा। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली के उप महानिदेशक (उद्यान) डॉ. एके सिंह ने कहा है कि बुंदेलखंड से पलायन रोकने के लिए यहां कृषि को बढ़ावा देना होगा। यहां औद्यानिक संभावनाएं भी ज्यादा हैं।
कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के चल रहे 12वें स्थापना दिवस समारोह में शुक्रवार को तीसरे दिन उप महानिदेशक ने कहा कि वैज्ञानिक और व्यवसायिक खेती समय की मांग है। उन्होंने गेहूं, धान के अलावा मोटे अनाज पर भी ध्यान देने की जरूरत बताई। कहा कि गेहूं उत्पादन में लगभग 11 रुपये प्रति किलो खर्च आता है।
जबकि फल और मोटे अनाजों में यह कम है। कहा कि बुंदेलखंड से पलायन रोकने में कृषि शिक्षा अहम भूमिका निभा सकती है। यहां के शिक्षा प्राप्त छात्र वैज्ञानिक किसान या कृषि उद्यमी बनें। अध्यक्षता कर रहे कुलपति प्रो.नरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि युवा वैज्ञानिक अपनी क्षमता से भी ज्यादा सीमित संसाधनों में शिक्षा, शोध एवं प्रसार गतिविधियों को बढ़ा रहे हैं।
अधिष्ठाता डॉ. एसवी द्विवेदी ने विश्वविद्यालय की स्थापना से अब तक की उपलब्धियां बताईं। पादप रोग विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. वीके सिंह द्वारा लिखित पुस्तक ‘इंट्रोडेक्टरी प्लांट पैथालॉजी’ का विमोचन किया गया। डॉ. एके श्रीवास्तव, निदेशक (पीएमइसी), अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. वीके सिंह ने आभार जताया। संचालन डॉ. विज्ञा मिश्रा ने किया। 5 मार्च को अधिष्ठापन सप्ताह मनाया जाएगा।