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Banda News: भांजी के साथ सोता देख मामा ने की थी पुजारी की हत्या

Tue, 30 Jun 2026 11:27 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
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पुलिस गिरफ्त में ​शिष्या व उसका मामा।स्रोत: पुलिस
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बांदा। शहर के तिंदवारा गांव में पुजारी की हत्या का पुलिस ने 10 दिन बाद हत्या का खुलासा कर दिया। पुजारी की हत्या शिष्या के मामा ने की थी। आरोपी मामा अपनी भांजी (शिष्या) को पुजारी के साथ सोते हुए देख लेने पर आवेश में आकर घटना को अंजाम दिया था। हालांकि इस प्रकरण में चश्मदीद गवाह शिष्या ने पुलिस को काफी गुमराह किया था, लेकिन पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्यों, बीटीएस के माध्यम से आरोपी को व पुजारी की शिष्या को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है।
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पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल ने बताया कि शहर कोतवाली क्षेत्र के तिंदवारा गांव में 20/21 जून की रात मंदिर की छत में सोए पुजारी सच्चिदानंद महाराज की डंडे से पीटकर गंभीर घायल कर दिया था, उनकी इलाज के दौरान एक निजी अस्पताल में मौत हो गई। इस पर पुलिस ने पुजारी के भाई चिंतामणि से तहरीर लेकर कोतवाली में हत्या की प्राथमिकी दर्ज की थी।
पुलिस ने शुरुआत से ही संदेह के आधार पर पुजारी की शिष्या मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के अजयगढ़ की रहने वाली शिष्या रोशनी को हिरासत में लिया था। पूछताछ में रोशनी ने पुलिस को काफी गुमराह किया था। पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर घटना को अंजाम देने वाले शिष्या के मामा रामविशाल और शिष्या रोशनी को गिरफ्तार किया है। उनके पास से आला कत्ल डंडा भी बरामद किया गया है।
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पूर्व प्रेमी को फंसाने की योजना रही विफल

बांदा। एसपी के मुताबिक पूछताछ और विवेचना में सामने आया था कि रोशनी बीमार रहती थी। इस पर तिंदवारा गांव के जमुनीपुरवा निवासी रोशनी के मामा रामविशाल उसे पुजारी सच्चिदानंद महाराज के पास लाया था। वह करीब दो-तीन साल से पुजारी के आश्रम आती-जाती रही। स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद वह लगभग नौ माह से आश्रम में रहने लगी। इस दौरान स्थानीय लोगों के बीच पुजारी और रोशनी के बीच संबंधों को लेकर चर्चाएं होने लगी। यह जानकारी रामविशाल को हुई तो वह 20/21 जून की रात सत्यता जानने के लिए एक बार पहले रात में 10 बजे पहुंचा था, वहां सब ठीक मिलने पर वह अपने बच्चे का इलाज कराने के लिए जिला अस्पताल चला गया था। उसके बाद वह रात में एक बजे के करीब फिर आश्रम पहुंचा था। वहां उसने रोशनी को पुजारी के साथ सोते हुए पाया। यह देख आवेश में आकर उसने पुजारी पर डंडे से प्रहार कर गंभीर घायल कर दिया और पुजारी की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। रोशनी ने पूरी घटना को देखा था और मामा को पहचानने के बाद भी उसे बचाने के लिए मनगढ़ंत कहानी बताकर पूर्व प्रेमी का उल्लेख कर पुलिस को गुमराह किया था।


मामा की दो बार मिली घटनास्थल पर लोकेशन

बांदा। पुजारी हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस ने अपनी जांच का दायरा बढ़ाते हुए वहां के आसपास के ग्रामीणों, संदिग्ध मजदूरों, और आरोपी मामा रामविशाल के मोबाइल नंबर की बीटीएस, कॉल डिटेल आदि सब खंगाले, बीच में पुलिस को एक मजदूर की लोकेशन भी मिली, लेकिन वह मजदूर सिर्फ वहां पानी पीने गया था, इस पर पुजारी से उसकी बहस भी हुई थी, लेकिन आरोपी मामा रामविशाल की लोकेशन जब रात में दो बार मिली तो जांच की सुई मामा की तरफ गई, लेकिन चश्मदीद रोशनी के बरगलाने पर पुलिस आगे नहीं बढ़ पा रही थी, अंतत: वैज्ञानिक साक्ष्य, फॉरेंसिक टीम के साक्ष्य और आरोपी के जुर्म कबूल करने पर हत्याकांड का खुलासा हो सका।


खुलासे में इनकी भूमिका रही महत्वपूर्ण

बांदा। पूरे खुलासे में शहर कोतवाल बलराम सिंह, अपराध निरीक्षक प्रभुनाथ यादव, चौकी प्रभारी मेडिकल कॉलेज वीरेंद्र त्रिपाठी, महिला एसआई आकांक्षा सिंह, रंजना कुशवाहा, दिनेश शर्मा, विवेक यादव व साकेत की महती भूमिका रही।
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