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एसटीएफ कमांडो के 13 हत्यारों को आजीवन कारावास

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बांदा। एसटीएफ टीम पर घात लगाकर हमला करके छह कमांडो और एक मुखबिर की सामूहिक हत्या में दोषी ठोकिया गिरोह के सभी 13 अभियुक्तों को अदालत ने उम्रकैद और 20-20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। घटना के 14 साल 11 माह बाद गुरुवार को यहां विशेष न्यायाधीश (दस्यु प्रभावित क्षेत्र अधिनियम) की अदालत से फैसला सुनाया गया। इस दौरान अदालत परिसर में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। नामजद 16 आरोपियों में मुख्य आरोपी दस्यु ठोकिया घटना के एक वर्ष बाद मुठभेड़ में मारा जा चुका है। दो अन्य आरोपियों की भी मौत हो चुकी है।
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दस्यु सरगना ददुआ को उसके 10 साथियों समेत मार गिराने के बाद एसटीएफ टीम ने अगले ही दिन 22 जुलाई 2007 को फतेहगंज थाना क्षेत्र के कोल्हौंवा जंगल में एमपी सीमा पर स्थित अनुसुइया आश्रम में ठोकिया गिरोह को घेर लिया था। वहां गिरोह के एक सदस्य मइयादीन को मार गिराया था। उसके शव को लेकर वाहन में एक दर्जन एसटीएफ कमांडो फतेहगंज लौट रहे थे। रात करीब 11 बजे फतेहगंज थाना क्षेत्र के बघोलन तिराहे पर टीला काटकर बनाए गए रास्ते में पहले से घात लगाए बैठे ठोकिया गिरोह ने एसटीएफ जवानों के वाहन पर अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। वाहन पर सवार एसटीएफ के एक हेड कमांडो सहित पांच कमांडो और उनके साथ मौजूद मुखबिर मौके पर मारे गए।
एसटीएफ पुलिस उपाधीक्षक धीरेंद्र राय ने फतेहगंज थाने में दस्यु सरगना ठोकिया सहित उसके गिरोह के 16 सदस्यों पर हत्या, हत्या का प्रयास, क्रिमिनल लॉ एमेडमेंट एक्ट, विस्फोटक अधिनियम, शस्त्र अधिनियम आदि के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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हाईकोर्ट के आदेश के बाद रोजाना हो रही सुनवाई के बाद गुरुवार को विशेष न्यायाधीश नुपुर ने फैसला सुनाया। 151 पेज के आदेश में न्यायाधीश ने जीवित सभी 13 अभियुक्तों को दोषी पाते हुए उम्रकैद और 20-20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। जुर्माना न देने पर तीन माह की अतिरिक्त कैद होगी। कुछ दोषियों को अन्य धाराओं में 3-3 व 2-2 वर्ष की कैद और 2 हजार से 5 हजार रुपये तक जुर्माना किया। जुर्माना न देने पर एक माह की और सजा होगी। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। फैसला सुनाए जाने के दौरान सभी अभियुक्तों को चित्रकूट और हमीरपुर जेल से अदालत लाया गया था। अदालत के इर्दगिर्द सुबह से ही पुलिस का भारी पहरा रहा। फैसले के बाद कड़ी सुरक्षा में दोषियों को पुन: जेल भेज दिया गया। दोषियों के चेहरे पर कोई शिकन नहीं नजर आई।
ठोकिया गिरोह के सदस्य
आरोपियों में ठोकिया उर्फ अंबिका पटेल और उसका भाई दीपक उर्फ अवधेश पटेल (लुखरिया, चित्रकूट), स्वदेश उर्फ बलखड़े (बरुई, चित्रकूट), शिवमूरत पटेल (खोह, चित्रकूट), ज्ञान सिंह (तेरा, बांदा), दद्दू पटेल उर्फ राम सिंह (थर, नयागांव, एमपी), देव शरण पटेल (पौसलहा, नयागांव, एमपी), किशोरी पटेल (जरैला, बांदा), नरेंद्र भदौरिया व मोहम्मद अनीस (नरैनी, बांदा), शंकर सिंह (भोपाल), चुनुबाद (मवई, भोपाल), शिवनरेश व उसका भाई जुगुल (खम्हरिया, चित्रकूट), नत्थू (घुरेटनपुर, चित्रकूट) और मुठभेड़ में एसटीएफ के हाथों मारा गया मइयादीन तथा अन्य गैंग सदस्य शामिल थे।
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