बांदा। कोरोना की संभावित तीसरी लहर के पहले बुखार और निमोनिया कहर बरपा रहा है। बुखार से ग्रसित मरीजों के दम तोड़ने का सिलसिला भी नहीं थम रहा है। बुखार से पीड़ित एक मासूम ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया है। उधर, बुखार और निमोनिया के लगभग 12 नए मरीज जिला अस्पताल में भर्ती हुए हैं।
बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में 1279 मरीज इलाज कराने पहुंचे। इनमें करीब दो सैकड़ा मरीज बुखार से पीड़ित थे। 62 मरीजों की खून जांच कराई गई। 18 मरीजों ने कोरोना की आशंका पर कोविड सेंटर में स्वॉब नमूना दिया।
हालांकि, कोविड रिपोर्ट 24 घंटे बाद आएगी। वहीं जिला अस्पताल में भर्ती अलीगंज के एक वर्षीय असद ने दम तोड़ दिया। परिजनों ने बताया कि कई दिनों से बुखार आ रहा था।
हालत बिगड़ने पर बुधवार की शाम उसे भर्ती कराया गया था। सांस लेने में भी दिक्कत हो रही थी। परिजन शव घर ले गए। जिला अस्पताल में बुखार से एक सप्ताह में यह पांचवीं मौत बताई गई है।
उधर, इंगुवा मऊ निवासी विराट (4), क्योटरा निवासी शहनाज (28), बलखंडी नाका निवासी वंदना (18), रेहुंची निवासी ममता (15), सिंहपुर निवासी एक साल की बच्ची गुड़िया, बनसखा निवासी राजकुमार (20), कंचन पुरवा निवासी पलक (17) और बाबूलाल (50), मुरवल निवासी मान सिंह (14), जरैली कोठी निवासी शशिकलां (46) और छोटी बाजार निवासी रामदुलारी (40) को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें शामिल बच्चे बुखार के साथ निमोनिया से भी पीड़ित हैं।
टहलकर मरीज का इलाज कर रहे आयुष चिकित्सक
बांदा। अस्पताल प्रशासन के रवैये से आयुष चिकित्सक डा. सुधीर गुप्ता परेशान हैं। उन्हें आयुष भवन में बैठने के लिए कुर्सी तक मुहैया नहीं कराई गई। वह घूम-फिरकर मरीज देख रहे हैं।
उनके कमरे में एनआरसी चिकित्सक को बैठा दिया गया। बताया गया कि कुछ दिन पूर्व उनका तबादला करा दिया गया था, लेकिन सीएमओ ने उनका स्थानांतरण रोक दिया था।
इसी के बाद से उनके साथ उपेक्षापूर्ण बर्ताव किया जाना बताया जा रहा है। सीएमएस डा. यूबी सिंह ने बताया कि शीघ्र चिकित्सक को कमरा और मेज-कुर्सी दी जाएगी। वह व्यवस्था करा रहे हैं।
डेंगू के दो मरीज भर्ती, नौ स्वस्थ
बांदा। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. वीके तिवारी और जिला मलेरिया अधिकारी पूजा अहिरवार ने बताया कि अब तक जनपद में कुल 11 डेंगू केस सामने आए हैं। इनमें नौ स्वस्थ हो चुके हैं।
दो मरीजों का बांदा के राजकीय मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है। संचारी रोगों के नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमें सर्वे में लगी हैं। छह सदस्यीय जिला मलेरिया टीम डेंगू बुखार के लिए जिम्मेदार एडीज मच्छर के लार्वा की घर-घर जाकर जांच कर रही हैं। सीएमओ ने नसीहत दी कि सामान्य बुखार आने पर मरीज तुरंत नजदीकी अस्पताल में इलाज कराएं।