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महिलाओं संग हिंसा की घटनाएं भी सामान्य बनीं

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Incidents of violence against women also became common - फोटो : BANDA
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बांदा/अतर्रा। सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ अधिवक्ता मंगल वर्मा ने कहा है कि महिलाओं को अपने अधिकारों की लड़ाई मजबूती से लड़ने की जरूरत है, खुद को कमजोर न समझें। कहा कि बुंदेलखंड में आज भी महिलाओं की स्थिति खराब है। पर्दा प्रथा उनके विकास में बाधक है। महिलाओं के साथ हिंसा की घटनाएं भी सामान्य बनकर रह गई हैं।
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अधिवक्ता मंगल वर्मा शुक्रवार को अतर्रा में विद्याधाम समिति द्वारा आयोजित चिंगारी चौपाल/महिला एकता, शिक्षा और संगठन सम्मेलन को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि महिलाएं अपनी जिंदगी में आगे बढ़ने की सोच रखें। उनकी सुरक्षा के लिए मजबूत कानून है। जरूरत पड़ने पर इनके बेहतर क्रियान्वयन के लिए सुप्रीम कोर्ट में पैरवी भी की जाएगी। कानून महिला अधिकारों के पक्ष में बनाए गए हैं।
सपा विधायक विशंभर सिंह यादव (बबेरू) ने चिंगारी संगठन द्वारा महिलाओं के लिए किए जा रहे प्रयासों को सराहा। कहा कि ऐसे कार्यों से समाज में बदलाव आएगा। इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ता संतोष सिंह ने कहा कि चिंगारी संगठन से बड़ी संख्या में महिलाओं का जुड़ना अच्छा संकेत है। लोक मंच, नई दिल्ली की संयोजक रूबी ने कहा कि बुंदेलखंड में पलायन बड़ी समस्या है। इससे ज्यादातर महिलाएं प्रभावित होती हैं।
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सुप्रीम कोर्ट अधिवक्ता मंगल वर्मा और लोक मंच संयोजक रूबी को पगड़ी पहनाकर तलवार भेंट की गई। सम्मेलन को अधिवक्ता द्वारिकेश सिंह मंडेला, कांग्रेस नेता साकेत बिहारी मिश्रा, माता दयाल, विजय बहादुर, लल्लूराम आदि ने भी संबोधित किया। संचालन संगठन की मुबीना ने किया। मेजबान विद्याधाम समिति के मंत्री राजाभइया ने आभार जताया। इस दौरान रामजी भाई, ब्रजमोहन यादव आदि उपस्थित रहे।

चिंगारी सम्मेलन में तलवार और पगड़ी से सम्मानित की गईं सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता मंगल वर्मा (सफेद - फोटो : BANDA

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