नरैनी। यूरिया-डीएपी खाद की उपलब्धता के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, इसके बावजूद किसानों को आसानी से खाद नहीं मिल पा रही है। साधन सहकारी समिति में दोपहर तक खाद न मिलने से किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। मुख्य सड़क पर जाम लगाकर विरोध जताया।
पुलिस के बमुश्किल समझाने पर करीब दो घंटे बाद जाम खत्म हुआ और आवागमन बहाल हो सका। तीन दिन पूर्व अतर्रा में भी यूरिया संकट पर किसानों ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगाया था।
साधन सहकारी समिति, पनगरा में शुक्रवार को शाम तक खाद न मिलने पर किसान भड़क गए और हंगामा शुरू कर मुख्य सड़क पर जाम लगा दिया। आरोप लगाया कि तेज धूप में खाद के लिए सुबह से लाइन लगाए हैं, लेकिन शाम तक खाद का वितरण नहीं किया गया।
सचिव कामता प्रसाद ने कोतवाली में सूचना देकर पुलिस बुला ली। कोतवाली से आए दो सिपाहियों ने किसानों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन आक्रोशित किसान नहीं माने। खाद लेने की जिद में अड़े रहे। किसानों ने आरोप लगाया कि किसानों के लिए आने वाली यूरिया और डीएपी खाद रात को ब्लैक की जा रही है।
जब किसान खाद लेने सोसाइटी जाते हैं तो वहां खाद न होने की बात कहकर बैरंग लौटा देते हैं। मजबूरन उन्हें नरैनी-बांदा मुख्य मार्ग पर जाम लगाना पड़ा। बाद में पुलिस अफसरों ने समझा-बुझाकर उन्हें मनाया। जाम से सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी लाइनें लगी रहीं। दो घंटे बाद आवागमन बहाल हो सका।