यूपी बोर्ड की प्रयोगात्मक परीक्षाओं ने स्कूलों में पढ़ाई की कलई खोल कर रख दी है। बस नाम पूछकर नंबर बांटे जा रहे हैं। इसके लिए परीक्षकों की केंद्र प्रभारी आवभगत कर रहे हैं और इस ’काम’ के लिए परीक्षार्थियों से पैसे वसूले जा रहे हैं।
राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में शुक्रवार को दोपहर 1 बजे भौतिक विज्ञान की प्रयोगात्मक परीक्षा की रस्म अदायगी देखने को मिली। एक्जामनर छात्राओं से सवालों के नाम पर सिर्फ नाम पूछकर खानापूरी करते रहे। प्रधानाचार्य शशिकला का कहना था कि छात्राओं को पूरे साल बेहतर तैयारी कराई गई है।
उधर, राजकीय इंटर कॉलेज में भी प्रैक्टिकल के दौरान छात्रों का नाम व हालचाल पूछकर चलता कर दिया गया। यहां प्रधानाचार्य के कक्ष में एक्जामनर की खातिर तवज्जो होती रही।
उधर डीआईओएस एनडी वर्मा का कहना है कि बाहर से आए परीक्षक की इस बार परीक्षा केंद्र संचालक चिरौरी बिल्कुल नहीं करेंगे। यदि परीक्षार्थी जवाब नहीं देगा तो उसे अंक भी नहीं मिलेंगे। इसकी मानीटरिंग शिक्षा सचिव के माध्यम से की जा रही है। परीक्षार्थी सवालों का जवाब क्यों नहीं दे पाए, इसके बारे में संबंधित कॉलेजों से पूछताछ की जाएगी।