बांदा। गणेश महोत्सव शुक्रवार (आज) से शुरू हो जाएगा। सार्वजनिक तौर पर प्रतिमा स्थापित नहीं होगी। प्रशासन ने लोगों से घरों में ही गणेश प्रतिमा स्थापित करने और पूजा को कहा है।
इससे गणेश उत्सव की तैयारी करने वाले आयोजकों में मायूसी है। यहां तक की कई आयोजक गणेश प्रतिमा लेने शिल्पकारों के यहां तक नहीं गए। हालांकि, घरों में स्थापना के लिए सबसे ज्यादा गणेश मूर्तियां खरीदी गईं।
बृहस्पतिवार की सुबह से ही आयोजक प्रतिमाएं लेने के लिए शिल्पकारों के यहां पहुंच गए, लेकिन पंडालों को सजाया तो पुलिस ने उन्हें रोक दिया। जिलाधिकारी के आदेशों का हवाला देते हुए कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर देवी प्रतिमाएं नहीं रखी जाएंगी।
घरों पर ही पूजन अर्चन करने की इजाजत है। इससे आयोजकों में निराशा छा गई। तमाम आयोजक पहले से गणेश प्रतिमा बुक कर चुके थे। आयोजकों का कहना था कि उन्होंने हजारों रुपये बिजली, लाउडस्पीकर समेत शिल्पकार को बयाना दे रखा था। इससे उन्हें नुकसान लगा। मूर्तिकारों को भी लाखों रुपये की चपत लगी है।
लाखों के नुकसान से परेशान मूर्तिकार
मूर्तिकार मधु पाल, खुम्मो पाल, राजेश कुमार आदि का कहना है कि दो माह से वह प्रतिमा बनाने में जुटे हैं। इस काम में कई सहयोगी मूर्तिकार भी लगे हैं। जिन्हें रोजाना एक हजार रुपये मजदूरी दी जाती है, लेकिन 60 फीसदी आयोजक आर्डर की प्रतिमाएं लेने नहीं आए।
ग्रामीण ले गए गणेश प्रतिमाएं
ग्रामीण क्षेत्रों में डीएम के आदेश का कोई असर नहीं दिखा। आयोजक शिल्पकारों के यहां से गाजे-बाजे संग प्रतिमाओं को गांव ले गए। उनका कहना है कि वह विधि विधान से प्रतिमा स्थापित करेंगे।
गांवों में अधिक भीड़ एकत्र होने की कोई संभावना नहीं है। प्रशासन को गांवों में रखी जाने वाली प्रतिमाओं को नहीं रोकना चाहिए। प्रशासन ने रोका तो वह प्रतिमा वहीं पर रख देंगे।