बांदा। नरैनी कोतवाली क्षेत्र के पिपरहरी गांव में चारा काटने निकले लापता युवक की गला घोटकर हत्या की गई थी। पोस्टमार्टम में उसके गले में निशान पाए गए हैं। दो डाक्टरों के पैनल ने शव का पोस्टमार्टम किया है। अब पुलिस हत्या के खुलासे में जुट गई है। दो लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।
हालांकि, पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की। पिपरहरी गांव निवासी समरजीत सिंह के बेटा शीलभद्र (28) शनिवार को चारा काटने खेत गया था। फिर लापता हो गया था। चाचा अमरजीत सिंह ने कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज कराई थी।
सोमवार को सुबह कुछ दूर धान खेत में उसका शव मिला। मंगलवार को शव का दो डाक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया। पैनल में नरैनी के डा. जीवन प्रकाश और बबेरू के डा. विकास यादव शामिल रहे।
सूत्रों के मुताबिक, शीलभद्र की गला घोटकर हत्या की गई थी। उसकी गले में कपड़ा भी फंसा पाया गया। गहरे निशान मिले हैं। साथ ही जहर की पुष्टि के लिए विसरा सुरक्षित किया गया है।
मामले में कोतवाली प्रभारी राकेश कुमार तिवारी का कहना है कि मामला संदिग्ध है। प्रथम दृष्टया जांच में गला दबाकर हत्या किया जाना प्रतीत हो रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। गौरतलब है कि परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए प्रयागराज-खजुराहो मार्ग पर जाम लगा दिया था।
कार्रवाई की मांग लेकर करीब डेढ़ घंटे तक सड़क पर परिजन और ग्रामीण डटे रहे। एसडीएम अवधेश कुमार निगम और पुलिस क्षेत्राधिकारी नितिन कुमार के आश्वासन पर जाम खत्म हो सका था।