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मुख्तार की बैरक में फ्रिज, कूलर और चिकन-बिरयानी

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बांदा। पूर्व विधायक और पूर्वांचल के माफिया मुख्तार अंसारी को जेल में वीआईपी ट्रीटमेंट दिया जा रहा था। डिप्टी जेलर वीरेश्वर प्रताप सिंह के संरक्षण में मुख्तार को चिकन, बिरयानी से लेकर हर सुविधा मुहैया हो रही थी। गर्मी से बचने के लिए कूलर व ठंडे पानी के लिए फ्रिज भी उपलब्ध था। सीएम के आदेश पर रविवार को डीएम अनुराग पटेल व एसपी अभिनंदन ने आधी रात को जेल में छापा मारा तो मुख्तार की सुख सुविधाएं देखकर चौंक गए।
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मुख्तार अंसारी को सात अप्रैल 2021 को पंजाब की रोपड़ जेल से बांदा लाया गया था। वीआईपी बंदियों के लिए आरक्षित बैरक नंबर-15 में मुख्तार को रखा गया है। शुरुआत से ही जेल में मुख्तार को वीआईपी सुविधा मिलने के आरोप लग रहे थे, लेकिन हमेशा जेल अधिकारी इसे खारिज कर देते थे। डीएम और एसपी को बैरक में ताजे व ठंडे फल, खाना, मेवा, पानी की बोतल, होटल से मंगाई गई खाने की सीलबंद थाली मिली। पूछताछ में जेल अधिकारियों से यह भी जानकारी मिली कि अक्सर मुख्तार की बैरक में चिकन, बिरयानी भी आती थी। डिप्टी जेलर सहित अन्य बंदी रक्षक दावत करते थे। डिप्टी जेलर वीरेश्वर सिंह का कहना था कि मुख्तार के लिए फल, मेवा, खाना आदि प्रभारी जेलर के आदेश पर बाहर से मंगाया जाता था। फ्रिज व कूलर भी उन्हीं के आदेश पर रखवाया गया। यह भी बताया गया कि यह सब करते समय सीसी कैमरे बंद कर दिए जाते थे।
शहर में रहते हैं मुख्तार के गुर्गे
मुख्तार के परिजन शहर के एक मोहल्ले में बाकायदा किराये का मकान लिए हुए हैं। वहां हर समय मुख्तार के गुर्गे पड़े रहते हैं। इनके नेटवर्क का इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि 27 मार्च को गोपनीय तरीके से मुख्तार को पेशी पर लखनऊ ले जाने की जानकारी लीक हो गई थी। लखनऊ जाते समय मुख्तार की गाड़ी के पीछे कई गुर्गे लग गए और पल-पल की जानकारी लीक करते रहे।
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काम नहीं आए निगरानी के लिए लगे सीसीटीवी
सुरक्षा के लिहाज से 48 सीसी कैमरे व तीन शिफ्ट में दो डिप्टी जेलर सहित 24 बंदी रक्षक लगाए गए हैं। मुख्तार की प्रत्येक गतिविधि पर नजर रखने के निर्देश हैं, लेकिन डिप्टी जेलर व बंदी रक्षक मुख्तार को बाहरी सुविधा मुहैया कराते समय सीसीटीवी कैमरों को बंद कर देते थे, ताकि बाहर से जेल जाने वाला सामान सीसी कैमरों में न आए। सामान बंदी रक्षक ले जाते थे।
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