बांदा। पानीदार यहां का घोड़ा आग यहां के पानी में, बुंदेलों की सुनो कहानी बुंदेलों की वाणी में, लेकिन पानीदार बुंदेली अब पानी बचाने में नहीं, बल्कि खपाने में आगे हैं। अंधाधुंध भूजल दोहन में यहां की वीरभूमि महोबा अव्वल है।
श्रीराम की तपोभूमि चित्रकूट दूसरे नंबर पर है। महोबा में 93.57 और चित्रकूट में 82.66 फीसदी भूजल का दोहन हो रहा है। हाल ही में प्रदेश के भूजल विभाग ने बुंदेलखंड सहित पूरे प्रदेश में सर्वे/आकलन किया है। पथरीले बुंदेलखंड में धरती और आसमान दोनों में ही पानी का संकट शुरू से रहा है।
भूजल स्तर लगातार खिसक रहा है। रिचार्ज से ज्यादा दोहन हो रहा है। जालौन को छोड़कर सभी जनपदों में भूजल की स्थिति चिंताजनक है। हालांकि, पिछले कुछ वर्षों से भूजल बढ़ाने के लगातार चल रहे सरकारी और गैर सरकारी प्रयासों से स्थिति में कुछ सुधार हो रहा, लेकिन अभी भी बुंदेलखंड के 6 जनपदों में 23 ब्लॉक (विकास खंड) को भूजल विभाग ने सेमी क्रिटिकल श्रेणी में घोषित कर रखा है।
बुंदेलखंड में भूजल की सबसे चिंताजनक हालत महोबा जनपद की है। यहां दो ब्लॉक जैतपुर और पनवाड़ी अति दोहित घोषित हैं। बुंदेलखंड में सबसे ज्यादा 93.57 फीसदी भूजल दोहन महोबा में ही हो रहा है।
सेमी क्रिटिकल, क्रिटिकल और अति दोहित विकास खंड
सेमी क्रिटिकल
बांदा : बबेरू, जसपुरा, नरैनी, तिंदवारी।
चित्रकूट : मऊ, पहाड़ी, रामनगर।
हमीरपुर : गोहांड, राठ, सरीला, सुमेरपुर।
महोबा : चरखारी व कबरई।
झांसी : बबीना, बंगरा, बड़ा गांव, मऊरानीपुर।
ललितपुर : बार, बिरधा, जखौरा, मड़वारा, महरौनी, तालबेहट।
क्रिटिकल ब्लॉक
चित्रकूट : कर्वी
अति दोहित ब्लॉक
महोबा : जैतपुर व पनवाड़ी।
चित्रकूटधाम मंडल में भूजल दोहन की स्थिति
महोबा : 93.57 प्रतिशत।
चित्रकूट : 82.66 प्रतिशत।
हमीरपुर : 68.10 प्रतिशत।
बांदा : 65.03 प्रतिशत।
मंडल में ब्लॉक वार भूजल स्तर रिचार्ज व उपलब्धता (हेक्टोमीटर में)
बांदा :
ब्लॉक रिचार्ज उपलब्ध
बबेरू 10354.32 2752.90
बड़ोखर 9397.30 3503.93
बिसंडा 7721.02 3274.48
जसपुरा 5516.66 1190.71
कमासिन 7362.77 2760.33
महुआ 8500.99 4529.90
नरैनी 5311.95 1305.16
तिंदवारी 8903.33 2245.90
योग 63068.34 21563.31
चित्रकूट :
ब्लॉक रिचार्ज उपलब्धता
कर्वी 5759.87 280.87
मानिकपुर 8066.74 2723.92
मऊ 7714.70 1266.29
पहाड़ी 9175.70 1534.52
रामनगर 2920.49 368.60
योग 37637.50 6174.29
हमीरपुर :
ब्लॉक रिचार्ज उपलब्धता
गोहांड 5600.76 3999.94
कुरारा 6300.02 1933.82
मौदहा 7438.02 3373.48
मुस्कुरा 7722.36 3269.76
राठ 7403.89 1910.14
सरीला 6262.68 1634.97
सुमेरपुर 8546.91 1914.50
योग 49274.64 15590.73
महोबा :
ब्लॉक रिचार्ज उपलब्धता
चरखारी 5149.31 878.39
जैतपुर 4218.64 00
कबरई 5046.12 1015.03
पनवाड़ी 5669.09 00
योग 20083.16 1993.42
साल में छह बार नपता है भूजल स्तर
भूजल विभाग हरेक जनपद में भूजल स्तर नापने और नजर रखने के लिए हाइडोग्राफ स्टेशन (निरीक्षण कूप एवं पीजो मीटर) बनाए हुए है। इनमें हर साल प्री एवं पोस्ट मानसून (बारिश के पहले व बाद में) सहित कुल छह बार भूजल स्तर नापा जाता है।
भूजल विभाग का कहना है कि सबसे अधिक गहराई वाला जलस्तर बेतवा और यमुना नदी घाटियों में पाया गया है। इनमें बुंदेलखंड के बांदा, हमीरपुर, जालौन, झांसी सहित इटावा, आगरा और इलाहाबाद शामिल हैं।
जलस्तर सुधारने को अटल भूजल योजना
बुंदेलखंड में भूजल स्तर सुधार के लिए अटल भूजल योजना चल रही है। बांदा, चित्रकूट, महोबा, हमीरपुर, झांसी, ललितपुर जिले शामिल हैं। इसके अलावा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के भी बड़ी संख्या में गांवों में जलस्तर सुधारने की सरकारी कवायदें चल रहीं हैं। अटल भूजल योजना में 700 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
भूजल स्तर में हो रहा सुधार
भूजल स्तर में सुधार हो रहा है। शासन और प्रशासन तथा संबंधित विभागों के सहयोग से भूजल स्तर सुधारने के प्रयास लगातार चल रहे हैं। भूजल विभाग ने सभी ब्लॉकों में पीजो मीटर लगा रखे हैं। साथ ही कुछ कुएं भी चिह्नित हैं। इनसे समय-समय पर भूजल का पैमाना नापा जाता है।
-एमए जैदी, अधिशासी अभियंता, भूजल विभाग