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Banda News: कागजों में बनीं बाढ़ चौकियां, नहीं पहुंच रही मदद

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अमारा-गौरीकला रपटा में बाढ़ का पानी व नाव का इंतजार करते ग्रामीण।-संवादअमारा-गौरीकला रपटा में ब - फोटो : संवाद
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बांदा। केन व यमुना में जल स्तर बढ़ने से पैलानी, जसपुरा, कमासिन, चिल्ला के करीब आधा सैकड़ा गांव पानी से घिर गए हैं। प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अभी तक कोई मदद नहीं पहुंचाई गई।
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बाढ़ चौकियां सिर्फ कागजों में बनी हैं। कोई सरकारी सहयोग न मिलने से ग्रामीण खुद सुरक्षित ठौर ठिकानों की ओर निकल रहे हैं। जिले में एक लाख से ज्यादा की आबादी प्रभावित है।
किसानों की करीब दो हजार बीघे में बोई खरीफ की फसलें जल मग्न हो गई हैं। बिजली, स्वास्थ्य व शिक्षा भी लगभग ठप है। अमारा-गौरीकला रपटा पूरी तरह डूबने से करीब जसपुरा के करीब 23 मजरे के लोगों का आवागमन ठप हो गया है। ग्रामीण नावों से बिना किसी सुरक्षा के आवागमन कर रहे हैं।
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