बांदा। पुलिस ने अवैध रूप से असलहा फैक्ट्री संचालन और असलहे बेचने के आरोप में पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से आठ तमंचे, कारतूस और असलहे बनाने के उपकरण बरामद किए गए हैं। गिरोह के तार सीमावर्ती मध्य प्रदेश से भी जुड़े बताए गए हैं। एक आरोपी अभी पुलिस के हाथ नहीं लगा है।
पुलिस अधीक्षक अभिनंदन ने बताया कि चिल्ला थाना पुलिस ने 31 दिसंबर की देर रात पपरेंदा गांव में हजारी तालाब के पीछे घनश्याम के घर छापा मारा। घर में अवैध रूप से शस्त्र बनाने की फैक्ट्री पकड़ी। पांच आरोपियों को मौके से पकड़ा गया। फैक्ट्री से 315 बोर के पांच तमंचे और 12 बोर के तीन तमंचे , छह कारतूस, तमंचे की 12 नाल, तीन बट, ड्रिल मशीन, धौकनी आदि उपकरण बरामद किए गए हैं।
एसपी ने आरोपियों के नाम रामकरण उर्फ गंगा, गुड्डा उर्फ भरत तिवारी, शिवम सिंह, अतिबल सिंह निवासी पपरेंदा और पप्पू उर्फ भूपत सिंह निवासी अमोल गांव बताए हैं। मुख्य आरोपी घनश्याम फरार है। उसके घर में फैक्ट्री चलाई जा रही थी।
एसपी ने बताया कि यह गिरोह आसपास के जनपदों समेत सीमावर्ती मध्य प्रदेश के सतना, पन्ना और छतरपुर जिलों में भी अवैध असलहे बेचता था। एसपी ने स्वीकारा कि कई वर्षों से यह फैक्ट्री चल रही थी। आरोपियों ने 5-6 साल से फैक्ट्री संचालित होने की बात कबूल की है। एसपी ने यह भी आशंका जताई कि विधानसभा चुनाव में इन अवैध असलहों का इस्तेमाल हो सकता था। फैक्ट्री बरामद कर गिरफ्तारी करने वालों में चिल्ला थानाध्यक्ष नरेंद्र प्रताप सिंह, एसआई धर्मेंद्र सिंह व ओंकार सिंह सहित आधा दर्जन से ज्यादा कांस्टेबल शामिल रहे।
गांजा और तमंचा समेत एक गिरफ्तार
पैलानी थाना क्षेत्र के नरौली गांव में पुलिस ने इसी गांव के रामकृपाल शिवहरे को बीती रात गिरफ्तार कर लिया। उसके पास एक किलो 900 ग्राम गांजा और 12 बोर का तमंचा व कारतूस बरामद बताए गए हैं। पुलिस अधीक्षक अभिनंदन ने बताया कि बांदा पुलिस द्वारा चलाए जा रहे आपरेशन क्लीन बांदा फ्राम क्राइम के तहत चिल्ला और पैलानी पुलिस ने बीती रात दो बड़ी कार्रवाइयां की हैं।