1240 farmers' tokens canceled due to strike
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बांदा। धान क्रय केंद्र प्रभारियों की हड़ताल से 1240 किसानों पर आफत आ गई है। इन किसानों के धान बिक्री के टोकन निरस्त हो गए हैं। अब उन्हें दोबारा रजिस्ट्रेशन कराना पड़ रहा है और खरीद का नंबर भी कई दिन बाद आएगा। परेशान किसानों ने शनिवार को क्रय केंद्र में प्रशासन विरोधी नारेबाजी की, कुछ किसान डीएम से भी मिले। एडीएम ने प्राथमिकता से धान की खरीद कराने का आश्वासन देकर किसानों को शांत कराया।
शुक्रवार को क्रय केंद्र प्रभारियों की प्रदेशव्यापी हड़ताल थी। इसमें जिले के क्रय केंद्र प्रभारी भी शामिल थे। शनिवार को जिले में हड़ताल खत्म होने के साथ खरीद शुरू हो गई। हड़ताल वाले दिन 31 दिसंबर को 62 खरीद केंद्रों से 1240 किसानों को धान खरीद के टोकन जारी हुए थे। इन किसानों का करीब 62 हजार क्विंटल धान खरीदा जाना था। हड़ताल के कारण खरीद नहीं हुई, इससे टोकन रद्द हो गए।
किसानों को नया रजिस्ट्रेशन कराकर टोकन लेना पड़ रहा है। ठंड में कई-कई दिनों से धान लेकर केंद्रों में डेरा डाले किसान टोकन रद होने की खबर पर शनिवार को आक्रोशित हो गए। मंडी समिति परिसर में नारे लगाकर प्रदर्शन किया। कुछ किसानों ने सदर तहसील के समाधान दिवस में डीएम से शिकायत की। डीएम के निर्देश पर एडीएम उमाकांत त्रिपाठी मंडी पहुंचे और किसानों को खरीद का भरोसा दिलाकर शांत कराया।
प्रभारियों बता रहे अपनी परेशानी
किसान नारायण सिंह (जौरही), आलोक सिंह (फतपुरवा), दिन्नू (मवई), कल्लू (चहितारा) आदि ने बताया कि केंद्र प्रभारी पहली जनवरी के टोकन वाले किसानों का धान खरीद रहे हैं। उनका टोकन 31 दिसंबर का था। केंद्र प्रभारियों का कहना है कि रोजाना 15 से 20 ट्रॉली धान खरीद का टोकन जारी किया जाता है। इनके ही पूरे धान की तौल नहीं हो पाती। पुराने का कहां से लें? उप सहायक क्षेत्रीय विपणन अधिकारी (डिप्टी एआरएमओ) सीपी पांडेय ने कहाकि 31 दिसंबर के टोकन अब नए सिरे से जारी होंगे।
हड़ताल अभी प्रदेशस्तर पर जारी
मंडी समिति स्थित विपणन धान खरीद केंद्र प्रभारी पंकज कुमार ने बताया कि यूपी फूड एंड सिविल सप्लाई आफीसर्स एसोसिएशन ने क्रय नीति के विरोध में 31 दिसंबर से प्रदेश व्यापी हड़ताल शुरू कर दी है। यह अभी जारी है। बांदा में जिला प्रशासन के दबाव में शनिवार को खरीद केंद्र खोल दिए गए हैं।