Elections won honestly, development is not being done in commission
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तिंदवारी। चुनाव अपनी ईमानदारी के बलबूते जीते, लेकिन अब कमीशनबाजी के चलते गांव का विकास नहीं करा पा रहे हैं। गांव के कई विकास कार्य रुके पड़े हैं। कमीशन के लिए हरेक की गिद्धदृष्टि है। यह कहना है तिंदवारी क्षेत्र के सिंघौली गांव के मौजूदा प्रधान अरुण शुक्ला उर्फ कल्लू का।
ग्राम प्रधान ने कहा कि ब्लाक कार्यालय में कमीशनबाजी के चलते वह अभी तक अपने गांव का एक भी विकास कार्य नहीं करवा पाए हैं। साढ़े छह लाख की लागत वाले नाले का निर्माण रुका हुआ है। इस्टीमेट बनाने से लेकर सारे कामों का कमीशन फिक्स है।
प्रधान ने कहा कि गांव से लेकर ब्लाक और मुख्यालय तक के लिए कमीशन की बात सुनाई पड़ रही है, लेकिन वह कमीशन देकर काम कराना ठीक नहीं समझते। जब खुद कमीशन नहीं ले रहे तो दे कहां से?
उधर, ग्राम पंचायत सचिव रामचंद्र का कहना है कि कच्चे-पक्के कामों में 60 व 40 का अनुपात होता है। सिंघौली में जब तक 60 प्रतिशत कच्चे काम नहीं होंगे तब तक पक्के काम नहीं हो सकते। इसी कारण नाले का निर्माण नहीं हो पा रहा। उधर, खंड विकास अधिकारी अमित कुमार यादव ने ग्राम प्रधान द्वारा कही गई कमीशन की बात को बेबुनियाद बताते हुए खारिज कर दिया।
कहा कि किसी तरह का कोई कमीशन नहीं लिया जाता। उन्होंने कहा कि कोई समस्या है तो प्रधान को बुलाकर बात की जाएगी। पूछा जाएगा कि किसने कमीशन मांगा है? उधर, जिला पंचायत राज अधिकारी सर्वेश कुमार पांडेय ने कहा कि प्रधान आकर बताएं कि कहां कौन कमीशन मांग रहा है। उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।