बांदा। नई शिक्षा नीति का आगाज हो गया। डिग्री कक्षाओं के प्रथम वर्ष (कला, विज्ञान व कामर्स) के विद्यार्थी अब नए विषयों से रूबरू होेंगे। छह-छह माह की सेमेस्टर प्रणाली भी लागू की गई है। महाविद्यालयों ने इस बदले हुए पैटर्न की तैयारी शुरू कर दीं हैं। इसी को लेकर बुधवार को राजीव गांधी डीएवी महाविद्यालय में संगोष्ठी हुई। इसमें छात्र-छात्राओं के प्रश्नों का विशेषज्ञों ने जवाब दिया।
बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, झांसी के दिशा निर्देशों के मुताबिक चालू शिक्षा सत्र में पाठ्यक्रम नई शिक्षा नीति पर आधारित हाेंगे। पाठ्यक्रम में विषयों को लेकर भी बदलाव किया गया है। कला वर्ग (बीए) में लघु विषय कामर्स या साइंस में कोई एक विषय चुनना होगा। इसी तरह कामर्स या साइंस के छात्र को कला वर्ग के किसी एक विषय को चुनना होगा। शेष दो विषय, जिन्हें अनिवार्य रूप से शामिल किया गया है, उसमें डेस्कटॉप पब्लिशिंग या सेल्समैनशिप और फूड न्यूट्रीशियन एंड हाईजीन (भोजन, पोषण एवं स्वच्छता) विषय लेने होंगे। दूसरे (मेजर) वर्ग में जिस वर्ग का छात्र है उसे उस वर्ग के तीन विषय लेने होंगे। प्रथम वर्ष में कुल छह विषय होंगे।
नई शिक्षा नीति से छात्र-छात्राओं को भलीभांति परिचित कराने की मंशा से बुधवार को शहर के राजीव गांधी डीएवी महाविद्यालय में संगोष्ठी का आयोजन किया गया। प्राचार्य डॉ. रामभरत सिंह तोमर ने कहा कि कामर्स के विद्यार्थी नई शिक्षा नीति में विषय का चुनाव ध्यानपूर्वक करें। वह आर्ट (कला वर्ग) का अर्थशास्त्र विषय चुन सकते हैं। उन्होंने कहा कि 25 नवंबर (गुरुवार) से महाविद्यालय का शिक्षण कार्य शुरू हो जाएगा।
चार्टर्ड अकाउंटेंट विजय कुमार गुप्ता ने कामर्स विषय पर चर्चा कर विद्यार्थियों की, जिज्ञासाओं का समाधान किया। महाविद्यालय शिक्षक डॉ. विष्णु स्वरूप गुप्ता, डॉ. गरिमा द्विवेदी, डॉ. राजेश कुमार गुप्ता, मनोज कुमार, छोटे लाल, शकुंतला, करुणेशचंद्र, उत्तम सिंह आदि ने भी जानकारियां दीं। संचालन संयोजक डॉ. विवेक कुमार पांडेय ने किया।