बांदा। भाजपा संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्य तिथि पखवाड़ा मनाया जा रहा है। मंगलवार को इसी के तहत गोष्ठी हुई। पार्टी पदाधिकारियों ने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने नेहरू और गांधी की तुष्टिकरण नीति का हमेशा विरोध किया। महानता के सभी गुण उन्हें विरासत में मिले थे।
भाजपा जिला कार्यालय में पुण्य तिथि पर पदाधिकारियों ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जीवन चरित्र पर चर्चा की। एमएलसी जितेन्द्र सिंह सेंगर ने कहा कि 24 वर्ष की आयु में वह कोलकाता विश्वविद्यालय सीनेट के सदस्य बने। इसके बाद वकालत भी की। 1939 में उन्होंने राजनीति में कदम रखे। पूर्व जिलाध्यक्ष बाल मुकुंद शुक्ला ने कहा किमुखर्जी ने नेहरू और गांधी की तुष्टिकरण नीति का सदैव खुलकर विरोध किया। यही कारण है कि तथाकथिक सेक्युलर लोगों द्वारा उनको संकचित सांप्रदायिक विचार का द्योतक समझा जाने लगा। गोष्ठी को राष्ट्रीय परिषद सदस्य संतोष गुप्ता, जिलाध्यक्ष संजय सिंह, उपाध्यक्ष ममता मिश्रा, पूर्व जिलाध्यक्ष अशोक त्रिपाठी जीतू,लवलेशसिंह, चेयरमैन मालती बासू,पूर्व चेयरमैन विनोद जैन ने भी संबोधित किया।