बांदा। अलग-अलग थाना क्षेत्रों में दो लोगों ने फंदा लगाकर जान दे दी। एक ने मानसिक संतुलन ठीक न होने के चलते तो दूसरे ने अज्ञात कारणों के चलते यह आत्मघाती कदम उठाया।
बिसंडा थाना क्षेत्र के पवई गांव निवासी मेवालाल (45) ने सोमवार की देर शाम अपने घर के कमरे में दीवार की खूंटी से साड़ी का फंदा लगा लिया। खुदकुशी से पहले उसने ईंट से अपना सिर भी फोड़ लिया। पत्नी उर्मिला ने बताया कि दो साल से मेवालाल का मानसिक संतुलन ठीक नहीं चल रहा था। उसका मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा था। दो पुत्री तीन पुत्र हैं। बिसंडा इंस्पेक्टर श्याम बाबू शुक्ला ने बताया कि परिजन मानसिक संतुलन ठीक न होने की बात कह रहे हैं। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। रिपोर्ट आने पर कार्रवाई की जाएगी।
उधर, शहर कोतवाली क्षेत्र के बगना पुरवा तिंदवारा गांव निवासी रामदुलारे (52) ने मंगलवार को सुबह 10 बजे करीब अपने घर के अंदर रस्सी से छत के छल्ले से फंदा लगा लिया। घटना के समय पत्नी कल्ली बकरी चराने गई थी। भतीजे जुग्गीलाल ने बताया कि पति-पत्नी अगल मकान में रहते थे। घर में ही गुटखा पानी की दुकान किए थे। किस कारण से उसने फंदा लगाया यह वह नहीं बता सके। शहर कोतवाल पंकज सिंह ने बताया कि परिजन कारण नहीं बता सके हैं। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है।