ग्राम पंचायतों में सरकारी योजनाओं के निर्माण को लेकर दो विभिन्न विभागों के अवर अभियंताओं के बीच कार्य बंटवारे को लेकर चल रही खींचतान सीडीओ के हस्तक्षेप से खत्म हो गई। दोनों के बीच कामों का बंटवारा कर दिया गया है।
जिले की सभी 469 ग्राम पंचायतों में मनरेगा, सॉकपिट, जल संरक्षण, सांसद व विधायक निधि के कार्यों का इस्टीमेट और एमबी के लिए ग्रामीण अभियंत्रण सेवा और लघु सिंचाई विभाग के दो अवर अभियंता नियुक्त हैं। लेकिन इनके बीच कामों का बंटवारा न होने से खींचतान के चलते निर्माण कार्य प्रभावित हो रहे थे।
प्रगति संतोषजनक नहीं थी। इस पर मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) वेद प्रकाश मौर्य ने अब दोनों अवर अभियंताओं के बीच कार्य का विभाजन कर दिया है। अवर अभियंता (ग्रामीण अभियंत्रण) को इंटर लॉकिंग, खडंजा, सीसी रोड, भवन निर्माण, नाली, बाउंड्रीवाल का जिम्मा सौंपा गया है।
अवर अभियंता (लघु सिंचाई विभाग) जल संचयन, जल संरक्षण, बोरिंग, वाटर हार्वेस्टिंग, सॉकपिट, कुआं, चेकडैम, सिंचाई, नाली, नाला खुदाई, तालाब आदि के कार्य देखेंगे। सीडीओ ने खबरदार किया कि निर्माण कार्यों के लिए यह दोनों अवर अभियंता जवाबदेह होंगे।