बांदा। डिमेंसिया सप्ताह के तहत जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीम ने राजकीय आश्रम पद्धति इंटर कालेज, हरदौली में बच्चों की काउंसलिंग की। डिमेंसिया और अल्जाइमर्स के लक्षण और बचाव की जानकारी दी। चिकित्सकों ने बताया कि डिमेंसिया से याददाश्त कमजोर होती है।
एनसीडी नोडल अधिकारी डा. एमसी पाल ने गोष्ठी की शुरुआत की। बताया कि डिमेंसिया एक मानसिक विकार है। इसमें याददाश्त कमजोर हो जाती है। एकाग्रता में कमी आती है। इससे बचने को सुबह जल्दी उठकर टहलना होगा। उन्होंने कुछ योगासन भी बताए।
फास्ट फूड, जंक फूड व बाहरी खुली चीजें न खाने की नसीहत दी। जिला अस्पताल के मनोरोग चिकित्सक डा. हरदयाल ने बताया कि मानसिक रोग किसी भी उम्र में हो सकता है। जागरूक रहें और रुटीन परीक्षण कराते रहें।
अनुश्रवण व मूल्यांकन अधिकारी नरेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि बच्चों का मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ होना जरूरी है। साथ ही उन्होंने वैक्सीन लगवाने और कोविड गाइडलाइन का पालन करने के प्रति भी जागरूक किया।
किशोर परामर्शदाता चंद्रेश गुप्ता, प्रधानाचार्य रोहित प्रसाद पटेल, साइकाइट्रिक नर्स त्रिभुवन नाथ व सहायक अशोक कुमार आदि मौजूद रहे।