बांदा। बालकों के यौन उत्पीड़न केस के मुख्य आरोपी व सिंचाई विभाग के निलंबित जेई रामभवन की जमानत अर्जी पर शुक्रवार को अदालत में देर तक बहस हुई। सीबीआई के अधिवक्ता ने जमानत अर्जी का विरोध किया। अब इस केस के तीनों आरोपी 12 अक्तूबर को अदालत में पेश किए जाएंगे।
विशेष न्यायाधीश (पाक्सो) अनु सक्सेना की अदालत में मुख्य आरोपी रामभवन की जमानत अर्जी पर बहस हुई। सीबीआई के अधिवक्ता दर्शनलाल और पैरोकार रत्नाकर भी अदालत में मौजूद रहे।
सीबीआई के अधिवक्ता ने जमानत अर्जी का विरोध किया। फौजदारी के वरिष्ठ अधिवक्ता रामस्वरूप सिंह ने 23 बिंदुओं पर बहस करते हुए सीबीआई के तमाम दस्तावेजों को विधि सम्मत न होने की दलीलें दीं। साथ ही अदालत में सीबीआई द्वारा की गई गलतियों पर भी प्रश्न किए।
यह भी कहा कि गोपनीय शिकायतीपत्र, पेन ड्राइव फाइल पर नहीं पाए गए। प्रतिलिपियां आरोपी को नहीं दी गईं। धारा 207 आईपीसी का अनुपालन नहीं किया गया। दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस के बाद अदालत ने जमानत पर फैसला सुरक्षित कर लिया है।
अब रामभवन और उसकी पत्नी व सह आरोपी दुर्गावती समेत तीन आरोपियों को 12 अक्तूबर को अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा।
एसटीएफ जवान हत्याकांड में हुई बहस
बांदा। ठोकिया गिरोह द्वारा एसटीएफ के छह जवानों समेत सात लोगों की ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर की गई हत्या में शुक्रवार को अधिवक्ताओं ने अदालत में बहस की। फौजदारी के वकील अशोक दीक्षित और रामस्वरूप सिंह ने देर तक विशेष न्यायाधीश (दस्यु प्रभावित क्षेत्र) बलराज सिंह की कोर्ट में बहस की।
अधिवक्ताओं ने बताया कि सोमवार को भी इस केस में बहस होगी। सभी आरोपियों को रगौली (चित्रकूट) जेल से भारी पुलिस सुरक्षा में अदालत लाया गया था। एक आरोपी शंकर को कैंसर से पीड़ित होने के चलते अदालत नहीं लाया गया।
बांदा जेल में बंद ज्ञान सिंह को भी अदालत लाया गया। सहायक शासकीय अधिवक्ता शशिभूषण श्रीवास्तव और रामकुमार सिंह रोशन रहे।