बांदा। परंपरा के मुताबिक शहर में मनाए जाने वाले वाले चार दिवसीय दशहरे में रविवार को तीसरे दिन छाबी तालाब पर राम-रावण युद्ध का मंचन और रावण वध हुआ। श्रीराम के जयकारों की गूंज के साथ ही रावण के प्रतीकात्मक पुतले को आग लगा दिया गया। आतिशबाजी से आसमान रंगीन हो गया। इसी के बाद आसपास के मोहल्लों में दशहरा मिलन शुरू हो गया।
छाबी तालाब में आयोजित श्री नाई रामलीला समिति द्वारा आयोजित रामलीला में राम-रावण युद्ध की लीला हुई। राम के हाथों रावण धराशाई होते ही उसके प्रतीकात्मक पुतले को आग लगा दी गई।
श्रीराम के उद्घोष और आतिशबाजी से आसपास का इलाका गूंज गया। राम, लक्ष्मण, सीता और हनुमान के स्वरूपों की आरती उतारी गई। समिति अध्यक्ष रामशरण सेन समेत रामप्रताप सविता, केपी सेन, भगवानदीन वर्मा, वृंदावनलाल ओमर, ज्ञानी प्रसाद सविता, गरीबचंद्र सविता, रमेशचंद्र हितैषी, रामऔतार ओमर, राहुल सेन आदि उपस्थित रहे।
रावण वध होते ही तीसरे दिन का दशहरा मिलन शुरू हो गया। बलखंडी नाका, कैलाशपुरी, कटरा, बन्योटा, किरन कालेज, क्योटरा, कालूकुआं आदि इलाकों में देर रात तक लोग एक-दूसरे को गले लगाकर शुभकामनाएं देते रहे। हालांकि कोविड-19 के चलते भीड़भाड़ कम रही।
Daskandhar burnt in smoke on Chhabi pond- फोटो : BANDA
Daskandhar burnt in smoke on Chhabi pond- फोटो : BANDA