बांदा। बच्चों के यौन उत्पीड़न के चर्चित मामले में आरोपी पक्ष की तमाम दलीलों पर सीबीआई के सुबूत और तर्क भारी पड़े। मुख्य आरोपी निलंबित जेई रामभवन की जमानत अर्जी खारिज कराने में सीबीआई सफल रही। सह अभियुक्त पत्नी की जमानत अर्जी 28 जून को खारिज हो चुकी है।
लगभग 10 वर्षों में आधा सैकड़ा से ज्यादा बच्चों का यौन उत्पीड़न करते रहे सिंचाई विभाग के जेई रामभवन (निलंबित) पर सीबीआई ने दुष्कर्म और पाक्सो एक्ट सहित कई संगीन धाराओं की रिपोर्ट दर्ज करने के बाद गिरफ्तार कर 26 नवंबर 2020 को जेल भेज दिया। तब से वह बांदा जेल में है। उसकी पत्नी दुर्गावती सह अभियुक्त है। वह भी जेल में है।
आरोपी रामभवन ने विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट/अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत में जमानत अर्जी दाखिल की थी। दोनों पक्षों ने अपनी-अपनी दलीलें दी थीं। सोमवार को विशेष न्यायाधीश अनु सक्सेना ने 10 पृष्ठीय आदेश में जमानत अर्जी यह कहकर खारिज कर दी कि उचित और पर्याप्त आधार नहीं है।