बांदा। आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए चलाए गए 15 दिवसीय विशेष अभियान में बुंदेलखंड फिसड्डी साबित हुआ। यहां के सात जिलों में कोई भी टॉप-20 में स्थान हासिल नहीं कर सका है। पड़ोस का जालौन जिला 26वें नंबर पर है। चित्रकूटधाम मंडल के चित्रकूट और हमीरपुर जिले की हालत दयनीय है। इनका प्रदेश में क्रमश: 72वां व 74वां स्थान है। सातों जिलों में कुल 15,366 आवेदनों में 11,871 को आयुष्मान कार्ड जारी हुए।
विभागीय प्रचार प्रसार काम नहीं आया
पूरा बुंदेलखंड दो मंडलों चित्रकूटधाम व झांसी मंडल में बंटा है। दोनों मंडलों में कुल सात जिले हैं। शासन के निर्देश पर 4 मई से 18 मई तक आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए विशेष अभियान चलाया गया था। स्वास्थ्य विभाग ने खूब प्रचार प्रसार के साथ तैयारी की और कई शिविर भी लगाए। इसके बाद भी आयुष्मान कार्ड जारी करने में बुंदेलखंड पीछे रहा।
लोगों के दिखाई बेरुखी
चित्रकूटधाम मंडल का बांदा मुख्यालय 45वें स्थान पर है। महोबा 43वें, चित्रकूट 72वें व हमीरपुर 74वें नंबर पर है। झांसी को 42वां और ललितपुर को 68वां स्थान मिला। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक इस योजना में कैंसर समेत 1450 बीमारियों का कैशलेस इलाज की व्यवस्था है। अफसरों की दलील है कि पात्रों की बेरुखी से आयुष्मान कार्ड बड़े पैमाने पर जारी नहीं हो सके।
बुंदेलखंड में जारी आयुष्मान कार्ड का ब्योरा-
जनपद आवेदन कार्ड जारी
बांदा 2752 1847
महोबा 2978 2308
चित्रकूट 572 450
हमीरपुर 524 454
जालौन 4418 3795
झांसी 3002 2342
ललितपुर 1120 675
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योग- 15,366 11,871
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वर्जन
चारों जिलों में आयुष्मान कार्ड जारी किए जाने के लिए अलग कक्ष खोले गए हैं। पात्रों को प्रेरित कर उनके कार्ड जारी किए जा रहे हैं। आशा, एएनएम और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों को भी पात्रों को ढूंढने और आयुष्मान कार्ड बनवाने के निर्देश दिए गए हैं। - डॉ. एनएस तोमर, उप निदेशक (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य) चित्रकूटधाम मंडल