The mercury dropped by five degrees due to rain, the weather became pleasant
- फोटो : BANDA
बांदा। पश्चिमी विक्षोभ से मौसम में आए बड़े बदलाव का असर चित्रकूटधाम मंडल में सीधा पड़ा है। सोमवार को तेज आंधी ने काफी कुछ उलट-पलट दिया। घने बादलों के बीच हुई बारिश ने लू और तपिश काफूर कर दी। पारा 5 डिग्री नीचे आ गया। मौसम खुशगवार हो गया। मंगलवार को भी बादल छाए रहने और बूंदाबांदी के आसार हैं।
पिछले एक हफ्ते से शरीर को झुलसा देने वाली गर्मी और जानलेवा लू के थपेड़ों से जनजीवन बुरी तरह अस्त-व्यस्त था। सोमवार को इसमें अचानक बदलाव आया। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ से बंगाल की खाड़ी से पैदा हुए सिस्टम और उत्तर प्रदेश के पड़ोसी राज्यों उत्तराखंड आदि में बारिश का असर चित्रकूटधाम मंडल में भी पड़ा। मौसम में बदलाव की शुरूआत दोपहर से हुई।
सड़कों पर मची भगदड़
करीब एक बजे घने बादलों के बीच जबरदस्त आंधी से सड़कों पर भगदड़ मच गई। बड़ी संख्या में टिन-टप्पर, दुकानों के शाइन बोर्ड उड़ गए। कई राहगीरों को मामूली चोटें आईं। पेड़ों की डाल टूटकर गिरने से रास्ते अवरुद्ध हुए और बिजली बाधित हो गई। लगभग 40 मिनट तक आंधी का यह कहर जारी रहा। इसी के बाद शुरू हुई बारिश ने लू और उमस खत्म कर दिया। ठंडी हवाओं से लोगों ने राहत महसूस की।
अभी मिलती रहेगी राहत
कृषि विश्वविद्यालय में मौसम विभाग के जानकार डॉ. दिनेश साहा ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ से यह बदलाव आया है। मंगलवार को भी बादल और बूंदाबांदी का सिलसिला जारी रह सकता है।
राहत के साथ आफत की आंधी
बांदा। तेज आंधी राहत और आफत दोनों साबित हुई। एक तरफ जहां बादल-बूंदाबांदी से मौसम सुहावना हुआ तो दूसरी तरफ मंडल मुख्यालय सहित पूरे जनपद की बिजली आपूर्ति बुरी तरह लड़खड़ा गई। जगह-जगह लाइनों पर पेड़ गिर गए। इंसुलेटर टूट गए, और भी तमाम फाल्टें आईं। पूरे शहर के सारे फीडर ठप हो गए। इन्हें दुरुस्त कर चालू करने में पावर कारपोरेशन कर्मियों को पसीने छूट गए। देर शाम तक कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। उधर, ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति और बदहाल रही। लगभग एक सैकड़ा बिजली के खंभे उखड़कर गिर गए या तिरछे हो गए। एचटी और एलटी लाइनें ठप हो गईं। घरेलू उपभोक्ताओं के साथ ही व्यवसायिक कारोबार पर भी बिजली भारी पड़ी। (संवाद)