आदर्श बजरंग इंटर कालेज में मतदाता सूची में नाम ढूंढते लोग।
- फोटो : amarujala
मतदाता पहचान पत्र होने के बाद भी सैकड़ों मतदाता मतदान से वंचित रह गए। कई मतदाताओं को विलोपित दर्शा दिया गया तो कहीं सूची में नाम न होने से कुछ वोट नहीं डाल सके। इस पर कई केंद्रों में हंगामा भी हुआ, लेकिन सब बेअसर रहा।
शहर के पुलिस लाइन में बूथ संख्या-15 व 16 में कई लोग ईवीएम का बटन नहीं दबा सके। सैकड़ों मतदाताओं को विलोपित दर्शा दिया गया। वोट से वंचित मतदाता भड़क गए और हंगामा शुरू कर दिया। पुलिस ने उन्हें बाहर किया। इसी तरह बूथ संख्या-41 में पोलिंग बूथ के बाहर खड़े कई मतदाता सूची से नाम कटने पर मायूस नजर आए।
गुलाब बाग निवासी सुंदरलाल ने बताया कि पिछले कई चुनावों में वोट डाले हैं। बलखंडी नाका निवासी तेजीलाल गुप्ता ने बताया कि सूची में विलोपित दर्शा दिया। इस अंधेरगर्दी के चलते वह बेहद निराश थे कि अपना वोट नहीं डाल सके। बीएलओ और अधिकारियों से गुहार लगाई, लेकिन काम नहीं आई।
तिंदवारी क्षेत्र के कई गांवों में एक सैकड़ा से ज्यादा मतदाताओं के नाम सूची से गायब थे। रामबाबू सोनी, किरन सोनी, राहुल भदौरिया, मुन्नी देवी, प्रियंका गुप्ता, बबुआ कुशवाहा, रमाशंकर गुप्ता, धर्मेंद्र गुप्ता, प्रीतम गुप्ता आदि बीएलओ से बेहद खफा हुए। आखिरकार उन्हें बगैर वोट डाले बिना घर लौटना पड़ा।
अतर्रा में लालथोक प्राथमिक विद्यालय में मतदाताओं ने सूची में नाम होने के बाद वोट न डलवाने पर हंगामा किया। पीठासीन अधिकारी से भिड़ गए। लगभग 20 मिनट तक मतदान प्रभावित रहा। इसके बाद अधिकारियों ने वोट डलवाए। बीएलओ की लापरवाही से बघेलाबारी निवासी लोकनाथ भी सूची में नाम कट जाने पर वोट नहीं डाल सके।