बांदा। कोविड वैक्सीनेशन में ढिलाई पर 25 स्वास्थ्य कर्मियों (फार्मासिस्ट/एएनएम) को डीएम ने कारण बताओ नोटिस जारी कर दो दिन में जवाब मांगा है। इनके अलावा 4 डॉक्टर और एक स्वास्थ्य पर्यवेक्षिका का जनवरी माह का वेतन रोककर स्पष्टीकरण तलब किया गया है।
समीक्षा में टीकाकरण की प्रगति खराब मिलने पर गांवों में तैनात स्वास्थ्य कर्मियों पर यह कार्रवाई की गई है। इनमें सीएचसी जसपुरा में फार्मासिस्ट चंद्रशेखर (नर्जिता), एएनएम विनीता (चंदवारा), नीलम यादव (पड़ोहरा), अतर्रा सीएचसी में ममता मिश्रा (बहोरवा पुरवा), महुआ सीएचसी में रचना गुप्ता (अर्जुनाह), आशा वर्मा (मुतियारी), नरैनी सीएचसी में सविता पांडेय (बल्देव पुरवा), सतरूपा (कल्याणपुर), बड़ोखर खुर्द सीएचसी में पुष्पा (हथौरा), श्यामाबाई (पचनेही), सुमन अग्निहोत्री (अरबई), प्रियंका गिरी (चहितारा) और कुमुदराय (त्रिवेणी) शामिल हैं।
बांदा नगरीय क्षेत्र में जिन कर्मियों पर कार्रवाई हुई है उनमें एएनएम मंगला (खुटला) व ऊषा सिंह (छाबी तालाब) शामिल हैं। तिंदवारी पीएचसी में फार्मासिस्ट रवी कुमार (संतोषी नगर), एएनएम मीना देवी (क्योटरा), सरस्वती पटेल (अमलीकौर), चंद्रकला (परसौड़ा), सीएचओ प्रिया सचान (बेंदा) व पूजा मिश्रा (लोहारी) पीएचसी कमासिन में फार्मासिस्ट ब्रज मोहन गुप्ता (जामू), एएनएम राजदुलारी (सतन्याव), प्रमिला यादव (दादौं), सुमन यादव (लोहरा) और पीएचसी बिंसडा में शाहिदा बेगम (जरोहरा) शामिल हैं।
उपरोक्त के अलावा अतर्रा सीएचसी प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. शिव सागर, बिसंडा पीएचसी प्रभारी डॉ. उमेश कुमार, तिंदवारी पीएचसी प्रभारी डॉ. दिनेश चंद्र राजपूत और प्रभारी चिकित्साधिकारी नगरीय पीएचसी आजाद नगर डॉ. ऋतंभरा और जिला स्वास्थ्य पर्यवेक्षिका राधा शर्मा का जनवरी माह का वेतन रोककर डीएम ने स्पष्टीकरण मांगा है।