बांदा। भूमि पर कब्जा करने का विरोध करने पर अनुसूचित जाति को जाति सूचक शब्द कहने व हमला करने के मामले में दोषी द्वारिका को अदालत ने एक वर्ष कैद की सजा सुनाई है। साथ ही अर्थदंड भी लगाया है।
अतर्रा थाना क्षेत्र के महोतरा गांव निवासी द्वारिका आरख पर इसी गांव के द्वारपाल वर्मा ने एससीएसटी एक्ट सहित अन्य धाराओं की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उनका कहना था कि 28 अगस्त 2006 को जबरन खेत जोतने से मना करने पर द्वारिका ने लाठी से उन पर हमला कर दिया था। पुलिस ने विवेचना के बाद अदालत में चार्ज शीट दाखिल की। अभियोजन ने पांच गवाह पेश किए। बुधवार को विशेष न्यायाधीश (एससीएसटी एक्ट) मोहम्मद कमरुज्जमां खां ने दोषी द्वारिका को एससीएसटी एक्ट में एक वर्ष की कैद और एक हजार रुपये अर्थदंड की सजा दी। अर्थदंड न देने पर उसे 15 दिन और जेल में रहना होगा। इसके अलावा धारा 352 में एक माह की कैद व 300 रुपये अर्थदंड ा, धारा 504 में 6 माह की कैद और 500 रुपये अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड न देने पर क्रमश: 5 व 10 दिन और जेल में रहना होगा। अभियोजन की ओर से पैरवी एडीजीसी जावित्री प्रसाद विश्वकर्मा और विशेष लोक अभियोजक विमल सिंह ने की।