बांदा। धोखाधड़ी करके फर्जी दस्तावेज बनाकर मृतक व्यक्ति के बीमे का क्लेम लेने के दो आरोपियों की जमानत अर्जी जनपद न्यायाधीश गजेंद्र कुमार ने खारिज कर दी। मलेहरा निवादा गांव निवासी सुधीर पुत्र परमांत्मादीन के नाम से नवंबर 2017 में जीवन पालिसी ली गई थी। जांच के दौरान ग्राम प्रधान मेवालाल और बीमित के पिता परमात्मादीन ने बताया कि सुधीर की मौत डेढ़ वर्ष पूर्व हो चुकी है। इस मामले में बीमा कंपनी के रंजीत कुमार गौतम ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने बीमा कंपनी के राजेंद्र प्रसाद गुप्ता व मेवालाल जायसवाल के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज की है। दोनों आरोपियों ने अग्रिम जमानत की अर्जी दी थी। जिला शासकीय अधिवक्ता विजय बहादुर सिंह परिहार ने अर्जी का विरोध किया।
दहेज हत्या के आरोपी पति व सास-ससुर बरी
दहेज हत्या के आरोपी पति, सास व ससुर साक्ष्य के अभाव में अदालत से बरी हो गए। 10 में 6 गवाह मुकर गए। उनके विरुद्ध कार्रवाई के लिए अदालत ने नोटिस जारी कर वाद दायर किया है। कालिंजर थाना क्षेत्र छिगरिहा गांव निवासी जगदीश पटेल ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि फरवरी 2019 में पुत्री अर्चना की शादी सिघौंटी गांव के वीरेंद्र पटेल से की थी। ससुराल वाले एक लाख रुपये व बाइक की मांग करके प्रताड़ित कर रहे थे। आरोप लगाया कि पति व सास ससुर ने जहरीला पदार्थ खिलाकर अर्चना को मार डाला। आरोपी पति 2 वर्ष से जेल में है। ससुर रमेश पटेल व सास रतिया जमानत पर हैं। साक्ष्य के अभाव में तीनों को सेशन न्यायाधीश ने दोष मुक्त कर दिया।