फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अर्जुन सहायक परियोजना से बढ़ेगी 16 फीसदी सिंचाई

विज्ञापन
Arjun Sahayak Project will increase irrigation by 16 percent - फोटो : BANDA
विज्ञापन
बांदा। सिंचाई विभाग के दावे सच साबित हुए तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों लोकार्पित अर्जुन सहायक परियोजना चित्रकूटधाम मंडल की लगभग 16 फीसदी (44,381 हेक्टेयर) भूमि को नहरों से सिंचाई की सुविधा बढ़ जाएगी। कुल कमांड एरिया मौजूदा में 2.80 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 3.24 लाख हेक्टेयर हो जाएगा।
विज्ञापन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महोबा में 26 अरब 55 करोड़ 35 लाख लागत की अर्जुन जल सहायक परियोजना का लोकार्पण किया है। सिंचाई विभाग के मुताबिक धसान नदी से नहरों के जरिये कबरई बांध को 130 एमसीएम (मिलियन क्यूसिक मीटर) पानी पहुंचाया जाएगा। 274.8 किलोमीटर लंबी नहर के जरिए चित्रकूटधाम मंडल के तीन महोबा, बांदा व हमीरपुर जनपदों के 168 गांवों में 44,381 हेक्टेयर जमीन की सिंचाई होगी। इससे 1,49,755 किसान लाभान्वित होंगे।
गौरतलब है कि मौजूदा में चित्रकूटधाम मंडल में बरियारपुर वियर, औगासी पंप कैनाल, ओहन बांध, बरूआ बांध, गुंता बांध, रसिन बांध, चिल्लीमल पंप नहर, चंद्रावल बांध, कबरई बांध, मझगवां बांध, उर्मिल बांध, धसान, केवलारी बांध, चरखारी पंप कैनाल, मौदहा बांध से 3340 किलोमीटर लंबी नहर के जरिये पांच लाख 86 हजार किसानों को दो लाख 80 हजार हेक्टेअर रकबे में सिंचाई का पानी दिया जा रहा है। अब लोकार्पित हुई अर्जुन सहायक परियोजना से तीनों जिलों में 44,381 हेक्टेयर सिंचाई क्षमता और बढ़ जाएगी।
विज्ञापन

अर्जुन सहायक परियोजना से आच्छादित रकबा (हेक्टेअर में) और लाभान्वित किसान
जनपद क्षेत्रफल किसान
बांदा 2500 39,355
महोबा 29,680 60,300
हमीरपुर 12,201 50,200
योग 44,381 1,49,855
इनसेट
अर्जुन सहायक परियोजना से मंडल की खेतिहर भूमि का कमांड एरिया तीन वर्षों में बढ़ेगा। सिंचाई विभाग के मुताबिक कबरई बांध की क्षमता 130 एमसीएम (मिलियन क्यूसिक मीटर) है। अर्जुन सहायक परियोजना के बांध में जल भंडारण की क्षमता चरणबद्ध बढ़ाई जाएगी। पहले वर्ष 25 फीसदी, दूसरे वर्ष 60 और तीसरे वर्ष पूरी क्षमता से पानी भरा जाएगा।
अर्जुन सहायक परियोजना से चित्रकूटधाम मंडल में 44 हजार हेक्टेयर से अधिक अतिरिक्त भूमि सिंचित होगी। तीनों जिले के किसानों के लिए यह बहुत मुफीद योजना है। उधर, अगले माह दिसंबर में केन-बेतवा परियोजना के शिलान्यास की संभावना है। इन दोनों परियोजनाओं से मंडल के किसानों को सिंचाई के लिए भरपूर पानी मिलेगा।
विज्ञापन

- श्याम जी चौबे, अधीक्षण अभियंता, सिंचाई विभाग, चित्रकूटधाम मंडल, बांदा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें