After five days of interrogation, the woman and her partner went to jail
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बांदा। शहर के चर्चित सराफा व्यवसायी शैलेश कुमार जड़िया सुसाइड मामले में मुख्य आरोपी महिला और उसके साथी को पुलिस ने 5 दिन तक पूछताछ के बाद शुक्रवार को शुक्रवार को अदालत में पेश किया। यहां से न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। इन दोनों पर शैलेश के भाई ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। अधिवक्ताओं के मुताबिक इन्हें उम्रकैद और 10 वर्ष तक की कैद हो सकती है।
शहर के फूटा कुआं मर्दन नाका निवासी सराफा व्यवसायी और अधिवक्ता शैलेश जड़िया (52) ने पहली मई को घर के नजदीक बगिया में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी। उनके पास पुलिस को 5 पेज का सुसाइड नोट मिला था। इसमें शैलेश ने राहिला बेगम (34) पत्नी अमीरुद्दीन निवासी जरैली कोठी और उसके साथी शादाब (29) निवासी ईदगाह रोड पर ब्लैक मेल करने और लाखों रुपये व चांदी ऐंठ लेने के आरोप लगाए हैं। साथ ही कई अन्य लोगों का भी जिक्र किया है।
पुलिस ने घटना वाले दिन ही सुसाइड नोट के आधार पर उपरोक्त दोनों राहिला व शादाब को हिरासत में ले लिया था। हालांकि पुलिस ने इसकी अधिकृत जानकारी दी थी न ही पुष्टि की थी। तब से अब तक पुलिस इन दोनों को अपनी हिरासत में कहीं रखकर पूछताछ कर रही थी। अंतत: शुक्रवार को पुलिस ने दोनों को सीजेएम न्यायालय में पेश किया। बुर्का पोश महिला के चेहरे पर कोई शिकन नजर नहीं आई। अदालत से दोनों को पुलिस सुरक्षा में न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
कोतवाली प्रभारी राजेंद्र सिंह राजावत ने बताया कि दोनों को जरैली कोठी तिराहे पर शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तारी टीम में मर्दन नाका चौकी प्रभारी अनिल सिंह, महिला कांस्टेबल लक्ष्मी यादव और कांस्टेबल विजय कुमार व यासीन शामिल रहे।