बांदा। राष्ट्रीय मनरेगा परिषद सदस्य संजय दीक्षित ने अधिकारियों और ग्राम प्रधानों से कहा है कि प्रत्येक वर्ष की कार्ययोजना को पंचायत भवन की दीवार पर लिखवाएं। मनरेगा कार्याें के क्रियान्वयन में पारदर्शिता होनी चाहिए। ग्रामीणों का पलायन रोकने के लिए गांवों के लिए मनरेगा चहुमुखी विकास की योजना है।
शुक्रवार को शाम मुख्यालय से करीब आठ किलोमीटर दूर तिंदवारा गांव में मनरेगा मजदूरों की चौपाल में राष्ट्रीय परिषद सदस्य ने मनरेगा समेत अन्य केंद्रीय योजनाओं की हकीकत जानी। ग्रामीणों से जानकारियां लीं। कहा कि मनरेगा गांव के विकास के लिए बहुआयामी योजना है। मजदूरों को इसमें ज्यादा से ज्यादा रोजगार दिया जाना चाहिए। स्वच्छ शौचालय योजना के उद्देश्य बताए। कहा कि पात्रों की सूची बनाकर धनराशि आवंटित करें। मुफ्त इलाज के लिए स्मार्ट कार्ड योजना के बारे में भी बताया। श्री दीक्षित ने कहा कि ग्राम प्रधान पिता होता है इसलिए पिता के दायित्व का निर्वाह पूरी ईमानदारी से करें। अधिकारी गांवों में भ्रमण करके विकास की आवश्यकताओं को प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित करें और योजना बनाएं।
चौपाल में मनरेगा निगरानी समिति चेयरमैन राजेश कुमार दुबे सहित खंड विकास अधिकारी, एडीओ, ग्राम पंचायत सचिव और ग्राम प्रधान अनिल द्विवेदी भी उपस्थित थे। मनरेगा श्रमिकों ने अपनी समस्याएं बताईं। दिवाकर मिश्र ने आरखपुरवा तक संपर्क मार्ग निर्माण की मांग की। इस अवसर पर मदनगोपाल, धीरेंद्र कुमार, मुमताज बानो, वृंदावन, रमेश, शिवदास, शिरोमन, फूल कुमार, लखन यादव, लल्ली, अनुपम शुक्ला आदि उपस्थित रहे।