फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कलक्ट्रेट समेत विभागों पर सवा 6 लाख हाउस टैक्स बाकी

विज्ञापन
विज्ञापन
बांदा। आम आदमी से गृह कर यानी हाउस टैक्स वसूलने में माहिर नगर पालिका परिषद दर्जनों सरकारी विभागों के भवनों का टैक्स नहीं वसूल पा रही है। इसमें जिले के मुखिया जिलाधिकारी का कार्यालय कलक्ट्रेट भवन भी शामिल है। करीब एक दर्जन से ज्यादा विभाग 6 लाख 24 हजार 320 रुपया हाउस टैक्स दाबे बैठे हैं। सबसे ज्यादा 97,970 रुपये पीडब्ल्यूडी स्थायी खंड पर बकाया है।
विज्ञापन

जन सूचना अधिकार अधिनियम में समाजसेवी कुलदीप शुक्ल ने नगर पालिका से सूचना मांगी थी कि सरकारी कार्यालयों में कितना हाउस टैक्स बकाया है? परिषद के कर अधीक्षक और कर लिपिक के संयुक्त हस्ताक्षरों से दी गई सूचना में उन टॉपर विभागों की फेहरिस्त दी गई है जिनके ऊपर भारी भरकम हाउस टैक्स रकम बकाया है। अन्य कार्यालयों की बात तो दरकिनार जिलाधिकारी कार्यालय पर भी 60,350 रुपये हाउस टैक्स बकाया है।
इसके अलावा जिला अस्पताल भवन पर 50 हजार रुपये, सब रजिस्ट्रार पर 20 हजार, सीएमओ कार्यालय पर 18 हजार, जेल भवन पर 17,500, बच्चों की जेल पर 10 हजार, आरएफसी पर 22,500, बिजली विभाग उप खंड कार्यालय पर 40 हजार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर 18 हजार, पशु चिकित्साधिकारी कार्यालय पर 12,500, बालिका हरिजन छात्रावास पर 33 हजार, समाज कल्याण निर्माण निगम पर 24 हजार, रोडवेज भवन पर 20 हजार, नलकूप खंड पर 27,500, कोआपरेटिव बैंक 6000, एफसीआई प्रबंधक भवन 60 हजार, सहायक जिला विद्यालय निरीक्षक के भवन पर 7 हजार रुपये हाउस टैक्स बाकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें