बांदा। द डिस्ट्रिक्ट बोर्ड टीचर्स कोआपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड (बांदा-चित्रकूट) की मऊ शाखा में 4.11 करोड़ रुपये का गबन करने के आरोपी दोनों सचिवों के खिलाफ आरसी जारी कर वसूली की कार्रवाई की जाएगी। कोआपरेटिव नियमों के तहत आरबीट्रेशन (अद्र्ध न्यायिक) कार्रवाई के लिए सहकारिता मुख्यालय (लखनऊ) को लिखा जा रहा है।
चित्रकूट की मऊ कोआपरेटिव सोसायटी में तकरीबन 730 शिक्षक सदस्य हैं। इस सोसाइटी में गबन के आरोपी बांदा के आवास विकास कालोनी निवासी रामप्रताप सचिव व इंदिरा नगर निवासी इनके सगे भाई विनोद कुमार कार्यालय प्रभारी थे। वर्ष 1976 से 2015 तक यह मऊ शाखा में तैनात रहे। सोसाइटी के माध्यम से परिषदीय विद्यालयों के शिक्षक बैंकों से लोन लेते हैं। वर्ष 2015-16 में गबन की शिकायत अतर्रा के भरत भूषण ने अधिकारियों से की थी।
कार्रवाई न होने पर उन्होंने कोर्ट की शरण ली थी। कोर्ट के आदेश पर 2016 में सोसाइटी के संयुक्त आयुक्त समेत 15 लोगों के खिलाफ अतर्रा थाने में गबन की रिपोर्ट दर्ज हुई थी। इस केस की विवेचना अनुसंधान शाखा कोआपरेटिव, झांसी द्वारा की गई थी, जिसमें सभी को क्लीनचिट मिल गई थी।
दोबारा ऑडिट में 4 करोड़ 11 लाख 56 हजार 852 रुपये का गबन उजागर होने पर दोनों पूर्व सचिवों के खिलाफ कोआपरेटिव नियमों के तहत शहर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।