फर्जी वरासत के मामले में अदालत ने नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक व लेखपाल पर मुकदमा दर्ज कर विवेचना का आदेश दिया है। थाना पुलिस अभी मामले की जानकारी न होने की बात कह रही है।
थाना क्षेत्र के गुमाई गांव के राजकिशोर पुत्र श्याम सुंदर ने न्यायालय में दिए प्रार्थना पत्र में कहा कि रिश्ते के मामा विष्णु नारायण ने कुछ दिनों पूर्व वसीयत की थी। गुमाई तहसील अतर्रा स्थित जमीन अपने नाम दर्ज करने के लिए वसीयत के आधार पर नायब तहसीलदार की अदालत में वाद दायर किया था।
वसीयतकर्ता के भाई शिवराम कृष्ण पुत्र लंबरी ने राजस्व कर्मियों के साथ साठगांठ कर वरासत अपने नाम करवा ली। तत्कालीन नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक व लेखपाल को इस तथ्य की बखूबी जानकारी थी।
सीजेएम ने मिथलेश कुमारी, प्रमोद कुमार सिंह, आकाश, आशीष व आदर्श पुत्र प्रमोद कुमार सहित तत्कालीन लेखपाल, राजस्व निरीक्षक व नायब तहसीलदार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना के आदेश दिए हैं। इंस्पेक्टर बलजीत ङ्क्षसह ने कहा कि अभी अदालत की कापी नहीं मिली है।