बांदा। नए साल में रेलवे ने आरक्षण प्रक्त्रिस्या में कई बदलाव किए हैं। अब आरक्षण कराने में यात्री को पांच साल के बच्चे का भी आधार कार्ड नंबर और ब्योरा देना होगा। अब तब इस उम्र तक के बच्चों पर यह लागू नहीं था। उधर, फार्म में अब महिला और पुरुष के अलावा ट्रांसजेंडर (किन्नर) का भी कालम शामिल किया गया है। किन्नरों को रेल किराए में 40 फीसदी की छूट है।
रिजर्वेशन कराने वाले यात्रियों को अब तक पांच वर्ष तक के उम्र के बच्चों का कोई ब्योरा नहीं देना पड़ता था, लेकिन अब देना होगा। रिजर्वेशन फार्म मेें बच्चे का नाम, राष्ट्रीयता, लिंग आदि भी भरना होगा। साथ ही उसका आधार कार्ड की फोटो प्रति भी लगेगी। अन्यथा कंप्यूटर आवेदन को स्वीकार नहीं करेगा।
रेलवे ने एक अन्य बदलाव में अब ट्रांसजेंडर (किन्नर) श्रेणी के यात्रियों को रियायत दी है। उन्हें किराए में 40 फीसदी छूट मिलेगी। इसके पूर्व उन्हें पूरा किराया देना होता था। आवेदन फार्म में अब तक पुरुष यात्री जेंडर वाले कालम में एम और महिला यात्री एफ लिखते थे। अब ट्रांसजेंडर होने पर फार्म में टी लिखना होगा।
मजिस्ट्रेटी चेकिंग की अवधि बढ़ी
बांदा। रेलवे ने मजिस्ट्रेटी चेकिंग की अवधि एक साल बढ़ा दी है। 31 दिसंबर को इसकी अवधि खत्म हो गई थी। ट्रेनों में चेकिंग का अधिकार 14 जुलाई 1982 को अपर मुख्य दंडाधिकारी (रेलवे मजिस्ट्रेट) को दिया गया था। रेलवे बोर्ड की डायरेक्टर (मार्केटिंग) शैली देवी द्वारा जारी आदेश में मजिस्ट्रेटी चेकिंग की अवधि एक साल बढ़ाए जाने की जानकारी दी गई है।