मेडिकल कालेज में 1299 नमूने जांच के लिए लंबित
शुक्रवार को 1324 में मात्र 25 की हुई जांच
कालेज प्रशासन की दलील, कलेक्शन सेंटरों से देर से मिले सैंपल
आइसोलेशन में भर्ती हैं सात पॉजिटिव मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
बांदा। तीसरी लहर में कोरोना की जांच का दायरा बढ़ गया है। राजकीय मेडिकल कालेज की आरटीपीसीआर लैब में बांदा और चित्रकूट के नमूनों की जांच होती है। लेकिन यहां पर 1299 नमूने जांच के लिए लंबित हैं। कालेज प्रशासन की दलील है कि कलेक्शन सेंटरों से देरी से सैंपल आने के कारण जांच लंबित हैं। उधर, मेडिकल कालेज के कोविड आइसोलेशन वार्ड में 7 संक्रमित भर्ती हैं।
रानी दुर्गावती मेडिकल कालेज में शुक्रवार को 1324 नमूने जांच के लिए पहुंचे। इनमें मात्र 25 नमूनों की ही जांच हो सकी। 1299 नमूनों की जांच बाकी है। इसी तरह 19 जनवरी को यहां आए 1523 नमूनों में 1473 की जांच हुई। 50 नमूनों की जांच शेष है। प्रधानाचार्य डा.मुकेश कुमार यादव ने बताया कि आरटीपीसीआर जांच उपकरण में एक बार में 90 नमूनों की जांच होती है। शाम 5 बजे के बाद आने वाले नमूनों की जांच अगले दिन यानी 24 घंटे के अंदर की जाती है। शनिवार को लंबित नमूनों की जांच कर रिपोर्ट बांदा व चित्रकूट स्वास्थ्य विभाग को भेज दी जाएगी।
प्रधानाचार्य ने बताया कि पहली जनवरी से अब तक 29,203 नमूनों की जांच की गई है। इनमें बांदा में 239 और चित्रकूट में 146 पॉजिटिव मरीज पाए गए। 24,840 की रिपोर्ट निगेटिव आई है। अब तक कुल 10 संक्रमित आइसोलेशन में भर्ती हुए। तीन मरीजों को स्वस्थ होने पर घर भेज दिया गया। मौजूदा में सात संक्रमित भर्ती हैं।
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इनसेट
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जीनोम सिक्वेंसिंग जांच नमूने भेजने पर रोक
बांदा। ओमिक्रॉन की जीनोम सिक्वेंसिंग जांच के लिए नमूने भेजने पर रोक लगा दी गई है। प्रदेश में जीनोम सिक्वेंसिंग जांच की नोडल डा.अमिता जैन द्वारा यहां मेडिकल कालेज को भेजे गए पत्र का हवाला देते हुए पैथोलॉजिस्ट डा.दिलीप कुमार ने बताया कि ओमिक्रॉन की जीनोम सिक्वेंसिंग जांच का लखनऊ लैब पर बड़ा दबाव है। बड़ी तादाद में नमूने लंबित हैं। इसलिए और नमूने भेजने पर रोक लगा दी गई है। यहां से भेजे गए लगभग छह नमूनों की जांच एक पखवारे से लंबित है। अब तक रिपोर्ट नहीं आई, मरीज भर्ती हैं।