तिंदवारी/बांदा। गोशालाओं में गोवंश की मौतों का सिलसिला थम नहीं रहा है। रविवार को दो गोशालाओं में 10 गोवंश के शव मिले। जानकारी होने पर प्रशासन ने शवों का पोस्टमार्टम कराकर शवों का दफन करा दिया।
भुजरख गांव में अस्थाई गोशाला में शनिवार को ठंड से दो गोवंश की मौत हो गई। नायब तहसीलदार राजकुमार भदौरिया की मौजूदगी में दोनों गायों का पोस्टमार्टम कराकर दफनाया गया। नायब तहसीलदार ने बताया कि दोनों गायें बीमार थीं। पशु चिकित्साधिकारी डॉ. नंदलाल कुशवाहा ने पोस्टमार्टम किया है। रविवार को भी यहां दो गोवंश की और मौत हो गई। नायब तहसीलदार कमलेश कुमार ने पोस्टमार्टम करवाकर शवों को दफन कराया।
रविवार को सुबह सैमरी गांव के पास नेशनल हाईवे किनारे चार गोवंश के शव पाए गए। इनके कानों में गोशाला के टैग लगे थे। ग्रामीणों का कहना है कि गायों के शवों को तड़के ट्राली में भरवाकर नाले के पास फेंकवा दिया गया है। एसडीएम सदर सुधीर कुमार ने बताया कि नायब तहसीलदार को मौके पर भेजा है। जांच कर रिपोर्ट देने को कहा है। रिपोर्ट आने पर अगली कार्रवाई की जाएगी।
महुआ ब्लाक की मनीपुर गोशाला में छह गोवंश की मौत होने का दावा विश्व हिंदू महासंघ गोरक्षा समिति की स्थानीय यूनिट ने किया है। अध्यक्ष महेश कुमार प्रजापति ने बताया कि गोशाला में गोवंश के लिए खाने-पानी की कोई व्यवस्था नहीं मिली। रविवार को एसडीएम और पशु चिकित्साधिकारी गोशाला पहुंचे और गायों के शवों का पोस्टमार्टम कराकर अंतिम संस्कार कराया। अधिकारियों ने गोशाला संचालकों और ग्राम प्रधान व सचिव पर कार्रवाई का भरोसा दिलाया। वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेंद्र कुमार मिश्रा, मंत्री आलोक प्रजापति सहित मनीष साहू, राहुल राजपूत, नीतेश कुमार, आदित्य कुमार साहू आदि गोशाला निरीक्षण टीम में शामिल रहे।