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नेपाल से तो नहीं मिली यूसुफ को बारूद की खेप

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बलरामपुर के नेपाल के खुली सीमा पर स्थित सीमा स्तम्भ। - फोटो : BALRAMPUR
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बलरामपुर। बीते दिनों दिल्ली पुलिस के बढ़या भैसाही गांव में छापे के बाद आतंकी मुस्तकीम उर्फ अबू यूसुफ के घर मिला नौ किलो बारूद कहां से आया था यह सवाल पांच दिन बाद भी सुलझ नहीं सका है। जिले में खुला बारूद बेचने का लाइसेंस किसी के पास नहीं है। कहीं ऐसा तो नहीं यूसुफ को बारूद की यह खेप पड़ोसी देश नेपाल के रास्ते मुहैया कराई गई है। इसकी संभावना इसलिए अधिक है क्योंकि नेपाल सीमा से सटे सोहेलवा सेंचुरी में वन जीवों का शिकार करने वाले दोनों देशों के शिकारी भरी हुई बंदूक का इस्तेमाल करते हैं।
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इन बंदूकों में खुला बारूद भरकर ही फायर किया जाता है। शिकारियों की धरपकड़ में इस बात का खुलासा कई बार हो चुका है कि बंदूकों के लिए बारूद नेपाल से खरीदा गया था। ऐसे में यूसुफ का बारूद के लिए नेपाल कनेक्शन होना संभावित लग रहा है। हालांकि पुलिस ने यूसुफ से पूछताछ की तो उसने यह बताया है कि बारूद उसने आतिशबाजी खरीदकर इकट्ठा किया था। आतिशबाजी खरीदकर इतनी भारी मात्रा में बारूद इकट्ठा किए जाने की बात लोगों के गले से नीचे नहीं उतर रही है।
करीब डेढ़ दशक पहले बलरामपुर की यात्रा पर आए केंद्रीय गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद ने नेपाल सीमा की संवेदनशीलता पर सवाल उठाया था। उन्होंने प्रेस कांफ्रेंस में कहा था कि बलरामपुर बारूद के ढेर की तरफ बढ़ रहा है। ऐसी स्थिति नेपाल की खुली सीमा पर बढ़ रही देश विरोधी गतिविधियों के कारण हो रही है। उन्होंने सीमा क्षेत्र में तेजी से बढ़ रहे राष्ट्रविरोधी तत्वों और होने वाली गतिविधियों पर भी चिंता जताई थी।
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मैत्री तथा रोटी-बेटी का संबंध होने के कारण सरकारें तथा लोकल प्रशासन सीमा क्षेत्र में किसी कठोर कार्रवाई से कतराते रहे हैं। अब जिले का आईएस जैसे आतंकी संगठन से तार जुड़ चुका है।
ऐसे में शासन-प्रशासन को नेपाल सीमा पर हो रही गतिविधियों पर विशेष ध्यान रखना होगा। सीमा से सटी पगडंडी का फायदा राष्ट्र विरोधी तत्व न उठा सकें इसके लिए भी कार्ययोजना तैयार करनी होगी। यहां के पुलिस और प्रशासनिक अफसरों का भी यही मानना है। क्योंकि इन रास्तों पर 24 घंटे नजर रख पाना संभव नहीं है। यूसुफ से बरामद बारूद कहां से आया इसकी पुख्ता जानकारी जुटाना आवश्यक है। ऐसा इसलिए जरूरी है क्योंकि नेपाल में अक्सर भारत विरोधी तत्वों के मौजूदगी की खबरें सामने आती रहती हैं।
कौन है युसुफ का रिश्तेदार....
बलरामपुर। उतरौला कोतवाली क्षेत्र से दिल्ली में पकड़ा गया आईएस संदिग्ध आतंकी ग्राम बढ़या भैसाही निवासी मुस्तकीम उर्फ अबू यूसुफ के एक रिश्तेदार का पता घटना के पांच दिन बाद तक नहीं चल पाया है। इस रिश्तेदार का नाम नहीं पता चल पाया है। पुलिस की छानबीन में यूसुफ की गिरफ्तारी के बाद न तो यह शख्स मिला और न ही उसके मोबाइल की ही लोकेशन मिल रही है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार यह शख्स यूसुफ की गिरफ्तारी के बाद से ही लापता है। बताया जा रहा है कि यह आदमी यूसुफ के काले कारनामों में उसकी मदद करता था। स्थानीय पुलिस अभी इस बारे में कुछ भी कहने को तैयार नहीं है। हालांकि यह भी जानकारी मिली है कि स्थानीय पुलिस से लेकर यूपी एटीएस और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल इस व्यक्ति की तलाश कर रही है।
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