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ब्लास्ट को कुदरत का कहर मान रहे थे ग्रामीण, यूसुफ की गिरफ्तारी के बाद दहशत में

Wed, 26 Aug 2020 04:54 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
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terrorist Abu Yusuf - फोटो : अमर उजाला
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लॉकडाउन के दौरान गत अप्रैल माह में शाम के समय बढ़या भैसाही गांव के कब्रिस्तान में हुए तेज धमाके के साथ आग को गोला दिखाई दिया था, जिसे गांव वाले अभी तक कुदरत का कहर मान रहे थे। अबू यूसुफ की गिरफ्तारी व कुबूलनामे के बाद ग्रामीणों को ये पता चला कि यह धमाका अबू यूसुफ ने ही किया था। यूसुफ की गिरफ्तारी के बाद गांव वाले डरे हुए हैं।

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ग्रामीणों ने मंगलवार को बताया कि हम लोग अप्रैल से कब्रिस्तान में हुए धमाके को कुदरत का कहर मानकर डरे-सहमे थे। अंधेरा होते ही तेज धमाके के साथ आग का गोला दिखाई दिया था। अब पता चला है कि ये विस्फोट अबू यूसुफ ने बम बनाने की तकनीक सीखने के दौरान ट्रायल के लिए किया था। यही नहीं यूसुफ ने इसमें पहले भी कब्रिस्तान में धमाका किया था। उसकी गिरफ्तारी के तीन दिन बाद भी गांव के लोग दहशत में हैं। 

रात में लोग लघुशंका करने घर से बाहर निकलने से डर रहे हैं। गांव में अफवाह है कि यूसुफ के साथी कभी भी गांव में हमला कर ग्रामीणों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। ग्रामीणों को रोककर यूसुफ के बारे में कुछ भी पूछने पर वे लोग बिना कुछ बोले ही भाग रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उसने गांव की इज्जत पूरे देश में खराब कर दी है। गांव के लिए अब यूसुफ एक बदनुमा दाग बन गया है। यूसुफ के परिजनों से भी गांव वाले मिलने से कतरा रहे हैं। यूसुफ के पिता की दिमागी हालत भी बिगड़ने लगी है। ग्रामीण बता रहे हैं कि वह रह रहकर अपने बाल नोचते हुए आतंकी करतूतों के लिए बेटे को कोसते दिख रहे हैं।
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पिता बोला, बेटे को सुधरने का मौका दे सरकार 
बीते रविवार को बेटे को आतंकी साजिश का गुनहगार बताते हुए उसे माफ करने की गुहार लगाने वाले यूसुफ के पिता का सुर मंगलवार को अचानक बदल गया। उन्होंने कैमरे के सामने कहा कि मैंने अपने बेटे को आतंकी नहीं बल्कि अपराधी कहा था। बेटे ने विस्फोटक व अन्य आपत्तिजनक सामान एकत्र कर साजिश का अपराध किया है। उसे मेरी जानकारी में आज तक किसी से कोई आर्थिक मदद नहीं मिली है। 

पुलिस की इस बात की पुष्टि उसका बैंक खाता चेक कर लगाया जा सकता है। आवास भी मैंने अपनी दो बीघे पैतृक खेत बेंचकर बनवाया है। घर बनाने में यूसुफ ने कोई पैसा नहीं दिया। यूसुफ का विरोध मां-बाप व पत्नी समेत उसके बच्चे भी कर रहे थे लेकिन वह अपने जुनून के आगे किसी की बात नहीं मानता था। उसकी गिरफ्तारी उसके बुरे कर्मों का फल है। हां यह जरूर है कि वह भटक गया था। मेरी गुजारिश है कि सरकार उसे सुधरने का एक मौका जरूर दे। बाकी हम लोग अल्लाह से भी उसके गुनाहों की माफी के लिए दुआ कर रहे हैं।

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