बलरामपुर। जिले के अति पिछड़े क्षेत्र हरैया सतघरवा ब्लॉक की करीब ढाई लाख आबादी का इलाज मात्र दो डाक्टरों के सहारे हो रहा है। सीएचसी शिवपुरा में डाक्टरों के स्वीकृत आठ पदों के सापेक्ष मात्र दो डाक्टरों की तैनाती है यहां पर डाक्टरों व संसाधनों की भारी कमी है। डॉक्टर व संसाधनों की कमी के चलते क्षेत्रीय मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ नही मिल पा रहा है। विशेषज्ञ डाक्टर व संसाधन बढाए जाने की मांग उच्चाधिकारियों की गई है।
बताते चलेें कि हरैया सतघरवा ब्लॉक को जिले का अति पिछड़ा ब्लॉक माना गया है। इस ब्लॉक की आबादी करीब ढाई लाख है। बाढ़ क्षेत्र होने के कारण यहां के लोग तमाम बुनियादी सुविधाओं से वंचित है।
क्षेत्रवासियों के इलाज के लिए ब्लॉक मुख्यालय शिवपुरा में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का संचालन किया जा रहा है। अस्पताल में डाक्टरों के कुल आठ पद स्वीकृत हैं लेकिन वर्तमान समय में यहां अधीक्षक सहित मात्र दो डाक्टरों की तैनाती है। अधीक्षक पर इलाज के अतिरिक्त अन्य भार होने के कारण वह भी मरीजों पर ज्यादा समय नही दे पाते हैं।
यहां पर स्वास्थ्य कर्मियों की भी भारी कमी है। अस्पताल की पैथोलॉजी में तमाम जांच के उपकरण उपलब्ध नही है जिसके चलते मरीजों को इलाज के लिए बाहर जाना पड़ता है। अस्पताल में इलाज के लिए आई ग्राम बरदौलिया निवासिनी पूनम ने बताया कि उसे काफी दिनों से पेट में दर्द व बुखार रहता है।
डाक्टर ने खून की जांच के साथ अल्ट्रासाउंड कराने का सुझाव दिया है। अस्पताल में अल्ट्रासाउंड न होने के कारण उन्हेें बाहर जांच करानी पड़ेगी। वहीं बेटी का इलाज कराने आए गोड़टुटवा निवासी इरशाद अली ने बताया कि अस्पताल से दवा न मिलने के कारण उन्हें बाहर से दवा खरीदनी पड़ी है। इनका कहना है कि अस्पताल में केवल सर्दी, जुकाम, बुखार व पेट दर्द की दवाएं ही दी जाती हैं। मंहगी दवाएं दुकान से खरीदनी पड़ती हैं।