बलरामपुर। आवश्यकता से अधिक पानी का उपयोग करने से भविष्य में हम सभी को जल संकट का सामना करना पड़ सकता है। इससे बचने के लिए सभी लोगों को जल संचयन करना चाहिए। जल संचयन करके ही हम शुद्ध पेयजल के संकट से बच सकते हैं। ये बातें सदर विधायक पल्टूराम ने कलेक्ट्रेट सभागार में जल संचयन एवं शुद्ध पेयजल पर आयोजित कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहीं।
सदर विधायक ने कहा कि प्रदेश सरकार हर घर जल योजना के तहत सभी ग्राम पंचायतों में पानी की टंकी का निर्माण कराते हुए हर घर में नल की सुविधा प्रदान कर रही है। केंद्र व प्रदेश सरकार द्वारा स्वच्छता एवं शुद्ध पेयजल के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। जल संचयन व भूगर्भ जलस्तर बढ़ाने के लिए अमृत सरोवर योजना के तहत प्रत्येक गांव में नए तालाब का निर्माण व पुराने तालाबों का जीर्णोद्घार कराया जा रहा है।
तुलसीपुर विधायक कैलाशनाथ शुक्ल ने कहा कि जल अनमोल है। भविष्य में जल संकट से गुजरना न पड़े, इसके लिए हम सभी का दायित्व है कि खुद जल संचयन करने के साथ ही अन्य लोगों को भी इसके लिए जागरूक करें। डीएम श्रुति ने कहा कि जल के बिना जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती है। जल प्राकृतिक उपहार है, इसका विवेकपूर्ण उपयोग किया जाना चाहिए। जल को बनाया नहीं जा सकता, लेकिन इसका शुद्धीकरण किया जा सकता है।
डीएम ने कहा कि हम सभी लोग संकल्प लें कि जल का विवेकपूर्ण उपयोग करेंगे तथा जल संरक्षण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करेंगे। इस दौरान नुक्कड़ नाटक के माध्यम से लोगों को जल संचयन एवं स्वच्छता के प्रति जागरूक भी किया गया। कार्यशाला में जिला परियोजना समन्वयक सुशील कुमार शर्मा, अधिशाषी अभियंता जल निगम मुकीम अहमद, जिला पंचायतराज अधिकारी नीलेश प्रताप सिंह सहित तमाम लोग मौजूद रहे।