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तेज हवाओं की बारिश में दो लाख हेक्टअर की फसल तबाह

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बलरामपुर के महराजगंज तराई क्षेत्र में बारिश से भीगी धान की फसल। - फोटो : BALRAMPUR
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बलरामपुर। तेज हवाओं के साथ बीते दो दिनों से भारी बारिश होने के चलते दो लाख हेक्टेअर में लगी फसलें तबाह हो गई हैं। धान व अन्य फसलों की 30 से 40 प्रतिशत और गन्ने के गिरने से 25 प्रतिशत नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। खेतों में खड़ी व कटी धान, गन्ना व अन्य फसलों की बारिश होने से बर्बादी हुई है।
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फसलों के तबाह होने से अन्नदाताओं को भुखमरी की चिंता सताने लगी है। बारिश का पानी जमा होने से सड़कों की हालत बदहाल हो गई है। सड़कों पर कीचड़ व गंदगी के चलते लोगों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
वर्ष 2021-22 में 7315 हेक्टेअर क्षेत्रफल में धान की नर्सरी, 76002 हेक्टेअर क्षेत्रफल में धान की संकर प्रजाति, 675 हेक्टेअर में सुगंधित प्रजाति व 33018 हेक्टेअर में धान के अन्य प्रजाति की बोआई की गई थी। चालू सत्र में 109797 हेक्टेअर क्षेत्रफल में सभी प्रकार के धान बोए गए।
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मक्का 2474 हेक्टेअर, ज्वार पांच हेक्टेअर, उर्द 1820 हेक्टेअर, अरहर 10386 हेक्टेअर, तिल 18 हेक्टेअर और मूंगफली 10 हेक्टेअर क्षेत्रफल में बोया गया। वर्ष 2021-22 में जिले के एक लाख 90 हजार किसानों ने 93049.36 हेक्टेअर क्षेत्रफल में गन्ने की बोआई की।
किसान बलदेव, शिव कुमार, शिव प्रसाद, विन्देश्वरी प्रसाद व मनीराम आदि ने बताया कि तेज हवाओं के साथ दो दिनों की भारी बारिश के चलते उनके खेतों में कटी व लगी धान के साथ अन्य फसलें 30 से 40 प्रतिशत तक नुकसान हुई हैं। तेज हवाओं के साथ बारिश होने से गन्ने की फसल गिर गई है जिससे 25 प्रतिशत से अधिक का नुकसान हुआ है।
फसलों का नुकसान होने से किसानों को भारी आर्थिक संकट से जूझना पड़ेगा। बेमौसम बारिश से अन्नदाताओं को चिंता सता रही है। बीते दो दिनों से तेज हवाओं के साथ रुक-रुककर बारिश हो रही है। बारिश का पानी खेतों में जमा होने से कटी धान की फसल तबाह हो रही है।
अन्नदाताओं को खेतों में पड़ी धान की कटी फसल को सहेजन का जुगाड़ भी नहीं मिल रहा है। मौसम की मार से परेशान अन्नदाताओं ने प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है। अन्नदाताओं का कहना है कि धान की उपज न मिलने से परिवार के पालन-पोषण का कोई सहारा नहीं बचेगा।
जिला कृषि अधिकारी आरपी राना ने फसल बीमा कराने वाले किसानों को सुझाव दिया है कि नुकसान की भरपाई के लिए तत्काल कंपनी को या कृषि विभाग से जुड़े अधिकारियों व कर्मचारियों को सूचना दें जिससे उनके नुकसान की भरपाई कराई जा सके। दो दिनों की भारी बारिश होने से सड़कें पूरी तरह से बदहाल हो चुकी हैं।
सड़कों पर कीचड़ व गंदगी लबालब है जिससे लोगों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। नेशनल हाइवे हो या ग्रामीण सभी सड़कों पर लोगों को कीचड़ व गंदगी से आवागमन में दिक्कतें हो रही हैं। बारिश के दौरान बिजली की कटौती ने भी लोगों का हाल बेहाल कर दिया है।
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