बलरामपुर। पचपेड़वा के मिशन हास्पिटल में प्रसूता के नवजात को मृत बताकर बेचने के मामले में दोनों चिकित्सकों की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस का शिकंजा बढ़नी के सभासद निसार पर कसने लगा है। इसके साथ ही मां-बेटे की निगरानी में भी पुलिस ने अपना पहरा कड़ा कर दिया है। पुलिस को संदेह है कि नवजात की खरीद फरोख्त से जुड़े लोग मां व पुत्र को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
सिद्धार्थनगर के बढ़नी नगर पंचायत के सभासद निसार के घर से नवजात को तो पुलिस ने बरामद कर लिया, लेकिन निसार नेपाल भागने में सफल हो गया था। पुलिस को आशंका है कि इस मामले में कुछ और लोग भी शामिल हो सकते हैं। इसका खुलासा अब निसार की गिरफ्तारी के बाद ही होगा। नेपाल से उसे पकड़ने के लिए पुलिस ने नेपाल के अफसरों से भी संपर्क साध रखा है। इसके लिए तीन टीमें बनाईं गईं हैं। इसमें से एक टीम को नेपाल सीमा पर निगरानी के लिए जुटाया गया है। प्रभारी निरीक्षक पचपेड़वा अवधेश राज सिंह ने भरोसा जताया है कि जल्द ही निसार की गिरफ्तारी हो जाएगी। इसके साथ ही नवजात की चोरी और खरीद फरोख्त के मामले में शामिल अन्य लोगों की पहचान का कार्य भी किया जा रहा है।
- मिशन हॉस्पिटल के संचालक और आपरेशन करने वाले चिकित्सकों ने निसार को बेऔलाद बताया था, इसलिए नवजात देने की बात कही थी। अब एक नया तथ्य सामने आया है कि अंबेडकर नगर में तैनात एक बैंक अधिकारी का संपर्क भी निसार से था। निसार यह नवजात उन्हीं को बेचने के लिए लाया था।
पुलिस अधीक्षक केशव कुमार ने बताया कि नवजात बेचने के मामले में पुलिस गंभीरता से कार्रवाई कर रही है। आरोपित निसार की तलाश हो रही है, हर स्तर से प्रयास किया जा रहा है। इसमें दोषियों को सजा दिलाई जाएगी।