बलरामपुर। कम बारिश होने के कारण जिले के अधिकांश असिंचित क्षेत्रों की फसलें सूखकर बर्बाद हो गईं हैं। कम वर्षा के कारण खरीफ फसलों की स्थिति और उत्पादकता में क्षति के स्थलीय सर्वेक्षण के लिए जनपद, तहसील व ग्राम स्तर पर समितियों का गठन किया गया है। ये समितियां 12 सितंबर तक खरीफ की फसलों की क्षति के आंकलन/सर्वेक्षण की रिपोर्ट उपलब्ध कराएंगी।
जिले का अधिकांश एरिया असिंचित क्षेत्र में आता हैं। यहां खेतों की सिंचाई के लिए बारिश ही एकमात्र सहारा है। इस वर्ष बारिश कम होने से असिंचित क्षेत्रों में फसलों की सिंचाई नहीं हो पाई। नतीजतन यहां सिंचाई के अभाव में फसलें सूख गईं हैं।
शासन स्तर से प्रदेश के 62 जिलों में सामान्य से कम बारिश होने पर सूखे का सर्वे कराने का निर्देश दिया गया है। इसी के तहत जिले में एडीएम की अध्यक्षता में जिला स्तरीय एवं एसडीएम की अध्यक्षता में तहसील स्तरीय समितियां गठित की गईं हैं।
एडीएम राम अभिलाष (9454417607) को जिला स्तरीय समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। इसके अलावा उप कृषि निदेशक डॉ. प्रभाकर सिंह (8787222590), विषय वस्तु विशेषज्ञ (एग्रोनामिस्ट) डॉ. सियाराम कनौजिया (9450313471), जिला कृषि अधिकारी आरपी राना (9454084662), जिला उद्यान अधिकारी पारसनाथ (9411947276), जिला गन्ना अधिकारी रंजीत सिंह (7081202245) व जिला आपदा विशेषज्ञ अरुण कुमार सिंह (9161599000) को सदस्य बनाया गया है। किसान इन अधिकारियों से मोबाइल पर संपर्क कर सकते हैं।
जिला व तहसील स्तरीय समितियां कम वर्षा के कारण खरीफ फसल की स्थिति तथा उत्पादकता में क्षति का स्थलीय सर्वेक्षण करेंगी। कम वर्षा अथवा संभावित सूखे से संबंधित तहसील स्तरीय रिपोर्ट जिला स्तरीय समिति को भेजी जाएगी। तहसील स्तरीय रिपोर्ट में से 10 प्रतिशत ग्रामों का विस्तृत सत्यापन जिला स्तरीय समिति करेगी। इन समितियों की तरफ से सौंपी गई रिपोर्ट को 12 सितंबर तक राहत आयुक्त के पोर्टल पर अपलोड करना होगा।
एडीएम राम अभिलाष ने बताया कि जिले में गठित समितियां संभावित क्षेत्रों में खरीफ फसलों के सूखे का सर्वे कर रही हैं। सर्वे के बाद समितियों की तरफ से सौंपी गई रिपोर्ट के आधार पर शासन की तरफ से किसानों को राहत पहुंचाई जाएगी।