फोटो-28-बलरामपुर के उतरौला में गोरखपुर-शामली कॉरिडोर के लिए किया जा रहा मिट्टी परीक्षण।-संवाद
उतरौला। गोरखपुर-शामली कॉरिडोर को लेकर उतरौला तहसील में तैयारियां तेज हो गई हैं। भूमि चिह्नांकन के बाद अब प्रस्तावित एक्सप्रेसवे के लिए मिट्टी परीक्षण शुरू कर दिया गया है। करीब 50 गांवों से गुजरने वाली इस महत्वाकांक्षी परियोजना से क्षेत्र में विकास की उम्मीदें बढ़ी हैं।
निर्माण एजेंसी की टीम मोहनजोत, देवरिया अर्जुन, फगुइया समेत करीब एक दर्जन गांवों में मिट्टी के नमूने ले रही है। इनकी गुणवत्ता और भार वहन क्षमता की जांच की जा रही है। परीक्षण रिपोर्ट के आधार पर सड़क निर्माण की तकनीकी रूपरेखा तय की जाएगी।
कॉरिडोर निर्माण की प्रक्रिया तेज होने से ग्रामीणों में उत्साह है। उनका कहना है कि एक्सप्रेसवे बनने से उतरौला तेज रफ्तार सड़क नेटवर्क से जुड़ जाएगा। इससे आवागमन सुगम होने के साथ कृषि उपज को बाजार तक पहुंचाने में सहूलियत मिलेगी। साथ ही व्यापार और निवेश बढ़ने से रोजगार के अवसर मिलने की उम्मीद है।
प्रधान ज्ञानेंद्र वर्मा, मेला राम, श्रीनिवास जायसवाल, मनीराम यादव, विनोद कुमार, कफील अब्बास और नसीम अहमद समेत ग्रामीणों ने कहा कि वर्षों से बेहतर सड़क संपर्क की मांग अब पूरी होती दिखाई दे रही है। कॉरिडोर क्षेत्र के आर्थिक और विकासात्मक बदलाव का आधार बन सकता है।