बलरामपुर। जिले के शिक्षा विभाग में भारी लापरवाही के चलते करीब चार हजार शिक्षकों के सेवा अभिलेखों के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है। शिक्षकों का सर्विस बुक, बिल बाउचर व पेंशन पत्रावली खुले में ही फर्श व सीढ़ियों पर रखी गई हैं। खुले में रखे जाने के कारण सीलन से शिक्षकों के महत्वपूर्ण दस्तावेज खराब हो सकते हैं।
जिले के बेसिक शिक्षा विभाग में करीब 6000 शिक्षक तैनात हैं। इन शिक्षकों का सेवा संबंधी अभिलेख रखने के लिए वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय में कोई सुरक्षित स्थान नहीं है। स्थान की कमी के कारण करीब चार हजार शिक्षकों का सेवा संबंधी अभिलेख खुले में ही सीढ़ियों एवं फर्श पर रख दिया गया है।
यहीं पर कूड़ेदान भी रखा हुआ है। इन अभिलेखों में सर्विस बुक, बिल बाउचर, पेंशन पत्रावली एवं शिक्षकों को दिए गए फंड का भुगतान बिल शामिल है। सीढ़ी पर कूड़ेदान के साथ फर्श पर रखे इन अभिलेखों का रख रखाव यदि ऐसे ही रहा तो फिर उन्हें सुरक्षित रख पाना संभव नहीं होगा।
खुले में रखे अभिलेख सीड़न व दीमक के चलते खराब हो सकते हैं। विभाग की लापरवाही के चलते शिक्षकों के महत्वपूर्ण अभिलेखों का अस्तित्व खतरे में है। शिक्षकों के भविष्य के साथ बेसिक शिक्षा विभाग खिलवाड़ कर रहा है।
इन अभिलेखों को रखने के लिए वित्त एवं लेखाधिकारी ने एक कमरे की मांग विभागीय उच्चाधिकारियों से की थी लेकिन विभागीय अधिकारियों ने कोई ध्यान नहीं दिया। शिक्षकों के अभिलेख को सुरक्षित रखने के प्रति बेसिक शिक्षा विभाग कतई गंभीर नहीं है।
वित्त एवं लेखाधिकारी श्रवण कुमार सिंह ने बताया कि मात्र दो कमरों में ही उनका दफ्तर चल रहा है। कमरों की कमी के चलते अभिलेखों को रखने का पर्याप्त जगह नहीं है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से एक कमरे की मांग की गई है। कमरा मिलने के बाद फर्श व सीढ़ियों पर रखे सेवा अभिलेखों को सुरक्षित रखवाया जाएगा।